राजकुमार संतोषी : सफलता की तलाश
IFM
‘घायल’, ‘घातक’ और ‘दामिनी’ जैसी सफलताएँ संतोषी ने सनी के साथ पाई थीं। सनी और संतोषी का साथ छूटते ही सफलता ने भी राजकुमार संतोषी को छोड़ दिया। उन्होंने कई फिल्में बनाईं, जिनकी तारीफ हुई, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर संतोषी को मायूसी हाथ लगी।
संतोषी पुराने स्कूल के फिल्मकार हैं। वे बेहद आराम से काम करते हैं। उनकी फिल्म बनने में काफी समय लगता है। बहुत सारी शूटिंग करने के बाद एडिटिंग टेबल पर उनकी फिल्म छोटी की जाती है। इन सबसे फिल्म की लागत बहुत बढ़ जाती है। अब फिल्म बनाने के तरीके में काफी परिवर्तन आ गया है। योजनाबद्ध तरीके से काम किया जाता है ताकि लागत और समय दोनों बचें।
एक फिल्मकार के रूप में सफलता के अभाव में संतोषी आत्मविश्वास खो चुके हैं। कुछ फिल्में उन्होंने बाजार को ध्यान में रखकर बनाई, जो बुरी तरह फ्लॉप रहीं। इसके बावजूद निर्माताओं के बीच उनकी साख जमी हुई है और उन्हें बराबर मौके मिलते रहते हैं।
रणबीर कपूर और कैटरीना कैफ जैसे स्टार्स उनकी पुरानी प्रतिष्ठा को देखकर ही ‘अजब प्रेम की गजब कहानी’ में उनके साथ काम करने के लिए तैयार हुए हैं। रणबीर ने यह फिल्म इसलिए स्वीकार की क्योंकि उनके पिता ऋषि कपूर ‘दामिनी’ में संतोषी के साथ काम कर चुके हैं।
‘दामिनी’ में ऋषि कपूर ने बेहतरीन अभिनय किया था, लेकिन छोटे भूमिका में सनी देओल बाजी मार ले गए। वैसे भी ज्यादातर लोग उस कलाकार के अभिनय ज्यादा बेहतरीन मान लेते है, जिसके पास बोलने के लिए अच्छे संवाद हो या दमदार सीन हो।
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