दिल्ली के मंदिर में हुई तोड़फोड़, क्या है पूरा सच? फैक्ट चेक

BBC Hindi|
-प्रशांत चाहल, फैक्ट चेक टीम, बीबीसी न्यूज
 
सोशल मीडिया पर एक खंडित मंदिर के कुछ वीडियो और तस्वीरें इस दावे के साथ शेयर किए जा रहे हैं कि पुरानी दिल्ली में एक भीड़ ने एक प्राचीन मंदिर में तोड़फोड़ की और मूर्तियां खंडित कर दी हैं।
 
दक्षिणपंथी रुझान वाले फेसबुक ग्रुप्स, व्हॉट्स ऐप ग्रुप्स और ट्विटर पर ये तस्वीरें और वीडियो शेयर किए जा रहे हैं। सोमवार सुबह बीबीसी के 300 से ज्यादा पाठकों ने ये वीडियो और तस्वीरें हमें भेजी और इनकी सच्चाई जाननी चाही। बीबीसी ने ग्राउंड पर जाकर इन वीडियो और तस्वीरों की पड़ताल की और इन दावों को सही पाया।
पुरानी दिल्ली की घटना : सोशल मीडिया पर जो वीडियो फैलाए जा रहे हैं, वे पुरानी दिल्ली के लाल कुआं बाजार में स्थित 'गली दुर्गा मंदिर' के हैं। स्थानीय पुलिस के अनुसार दुर्गा, शिव, राम, हनुमान समेत अन्य हिन्दू देवी-देवताओं की झांकियों वाले इस मंदिर में रविवार देर रात तोड़फोड़ की गई।
 
यह मंदिर कई वर्ष पुराना बताया गया है। यह मंदिर एक हिन्दू मोहल्ले के शुरुआती छोर पर स्थित है। इस मोहल्ले के दोनों तरफ बहुल आबादी है। हिन्दू मोहल्ले में रहने वालों के पास साक्ष्य के तौर पर जो सीसीटीवी फुटेज हैं, उनके अनुसार भीड़ ने रविवार रात 12.40 बजे गली में पथराव शुरू किया। स्थानीय लोगों के अनुसार विवाद बाइक पार्किंग को लेकर शुरू हुआ था, जो बाद में धार्मिक तनाव में तब्दील हो गया।
मुस्लिम युवक की पिटाई : मुस्लिम समुदाय के लोगों का कहना है कि नशे की हालत में 4-5 हिन्दू लड़कों ने रात करीब 11 बजे आस मोहम्मद नाम के एक मुस्लिम युवक को बुरी तरह पीटा। ये झगड़ा बाइक की पार्किंग को लेकर शुरू हुआ था।
 
पुरानी दिल्ली के हौज काजी थाने के एसएचओ सुनील कुमार के अनुसार रविवार देर रात ही मुस्लिम युवक को पीटने वाले अभियुक्तों में से एक को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था।

पुलिस के अनुसार अन्य अभियुक्त अभी फरार हैं। सुनील कुमार ने बीबीसी को बताया कि रविवार रात जिस समय पुलिस ने एक अभियुक्त को हिरासत में लिया, उसके बाद में पथराव किया गया।
चश्मदीद क्या कहते हैं? : गली दुर्गा मंदिर में रहने वाले एक बुजुर्ग ने अपना नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर बताया कि गली के भीतर करीब 25-30 लोग घुस आए थे। इस शख्स ने बताया कि इस भीड़ ने गली में दाखिल होते ही मंदिर को खंडित किया। उसके बाद गली के भीतर घरों के दरवाजों पर पत्थर मारे और कुछ ही देर बाद ये भीड़ गली से बाहर निकल गई।
 
गली में रहने वाले लोगों के अनुसार इस गली में सभी हिन्दू परिवार हैं। इनमें से अधिकांश हलवाई हैं और कुछ लोग लाल कुआं बाजार में मजदूरी करते हैं। इसी गली में रहने वाले एक युवक ने बताया कि रविवार रात जब पथराव किया गया, उस समय अधिकांश लोग सो चुके थे। अगर लोग सोए नहीं होते तो टकराव की स्थिति जरूर बनती।
मौजूदा हालत कैसे? : फिलहाल गली दुर्गा मंदिर के सामने उस इलाके की पुलिस के अलावा दिल्ली पुलिस की अन्य थानों से आई पुलिस भी तैनात है।

लाल कुआं बाजार रोड पर तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और पैरा मिलिट्री की कुछ कंपनियों को इस इलाके में तैनात किया गया है।
पुलिस ने उस मुस्लिम युवक को निगरानी में रखा हुआ है जिसकी बाइक पार्किंग को लेकर हिन्दू लड़कों से विवाद हुए था। साथ ही उस हिन्दू परिवार से भी नहीं मिलने दिया जा रहा है जिसे पुलिस ने मारपीट के आरोप में हिरासत में ले रखा है।

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