Guru Vakri Gochar 2025: देवगुरु बृहस्पति 5 दिसंबर 2025 से ही मिथुन राशि में वक्री चाल चल रहे हैं। 2 जून 2026 तक वे इसी अवस्था में रहेंगे। गुरु की वक्री चाल के चलते 3 राशियों को 2 जून तक अतिचारी बृहस्पति के गोचर से बचकर रहना होगा। जानिए कौनसे 3 उपायों से लाभ मिलेगा।
1. मिथुन राशि (Gemini):
भाव: बृहस्पति आपके सातवें और दसवें भाव के स्वामी हैं और पहले भाव (लग्न) में गोचर चल रहा है।
विशेष: मित्रों से सतर्क रहें। नौकरी के संबंध में अच्छी योजना बनाएं, परिणाम मध्यम रहेंगे।
करियर: सहकर्मियों और वरिष्ठ अधिकारियों से तनावपूर्ण संबंध बन सकते हैं। संयम रखें।
व्यापार: कार्यों में देरी या बैकलॉग से मुनाफा घट सकता है और चिंता बढ़ेगी।
आर्थिक: आय बनी रहेगी, लेकिन खर्चों में अधिकता होगी। संतुलन बनाना जरूरी है।
व्यक्तिगत: अहंकार के कारण जीवनसाथी से मनमुटाव और रिश्ते में दूरी आ सकती है।
सेहत: नसों से संबंधित समस्या हो सकती है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी के कारण संभव है।
2. कर्क राशि (Cancer):
भाव: बृहस्पति आपके छठे और नौवें भाव के स्वामी हैं और बारहवें भाव में गोचर चल रहा है।
विशेष: अचानक खर्चों में वृद्धि, कार्यों में देरी और नींद की कमी जैसी समस्याएं।
करियर: काम के लिए मध्यम स्तर के परिणाम मिल सकते हैं। पूर्व योजना से सफलता की संभावना बढ़ेगी।
व्यापार: अपरिप्याप्त लाभ मिल सकता है और शीर्ष पर पहुंचना कठिन हो सकता है।
आर्थिक: लोन, बीमा या अन्य प्रत्याशित स्रोतों से धन प्राप्त हो सकता है।
व्यक्तिगत: परिवार से जुड़े पुराने मुद्दों के चलते जीवनसाथी से असंतोष।
सेहत: पैरों में तेज दर्द हो सकता है, जो इम्यूनिटी की कमी के कारण हो सकता है।
3. कुंभ राशि (Aquarius):
भाव: बृहस्पति आपके दूसरे और ग्यारहवें भाव के स्वामी हैं और पांचवें भाव में गोचर चल रहा है।
विशेष: बच्चों और उनके भविष्य को लेकर चिंता रह सकती है। कुछ मनोकामनाएं पूरी नहीं हो पाएंगी।
करियर: अधिक कार्यभार और असुरक्षा की भावना का सामना। वरिष्ठ अधिकारियों के व्यवहार से तनाव।
व्यापार: सावधानीपूर्वक काम करने की आवश्यकता। लापरवाही से नुकसान हो सकता है।
आर्थिक: कमाई के बावजूद, अत्यधिक खर्चों के कारण बचत करना मुश्किल हो सकता है।
व्यक्तिगत: जीवनसाथी के साथ विवाद हो सकते हैं। आपसी समझ की कमी से तनाव बढ़ सकता है।
सेहत: बच्चों के सेहत पर खर्च करना पड़ सकता है (जुकाम या एलर्जी)।
बृहस्पति के उपाय लाल किताब
1. केसर का तिलक: प्रतिदिन माथे और नाभि पर केसर का तिलक लगाएं। इसी के साथ थोड़ा सा केसर खाएं भी।
2. दान और सेवा: गुरुवार के दिन चने की दाल, पीला कपड़ा, हल्दी, केसर, या चीनी का दान करें।
3. गृहवाटिका: घर में पीले फूलों का या सूरजमुखी का पौधा लगाएं।