Vasant Panchmi 2022 : वसंत पंचमी पर सूर्य-शनि-बुध का संयोग लेकिन कालसर्प योग से रहें सावधान

Kalsarp yoga
पुनः संशोधित शुक्रवार, 4 फ़रवरी 2022 (14:28 IST)
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2022: 5 फरवरी 2022 शनिवार को बसंत पंचमी पर्व मनाया जा रहा है। इस दिन मां सरस्वती (Goddess Saraswati) की आराधना के साथ ही उनकी पूजा की जाएगी। बसंत पंचमी पर शुभ संयोग और ग्रह योग भी बन रहे हैं लेकिन साथ ही का साया भी है तो इस दिन रहें सावधान।


शुभ योग : इस दिन दो शुभ योग बन रहे हैं। 5 फरवरी को मकर राशि में सूर्य और बुध के रहने से बन रहा है। वहीं सभी ग्रह 4 राशियों में विद्यमान रहेंगे। इस कारण केदार योग का भी निर्माण हो रहा है। 4 फरवरी को 7:10 बजे से 5 फरवरी को शाम 5:40 तक सिद्धयोग रहेगा। फिर 5 फरवरी को शाम 5.41 बजे से अगले दिन 6 फरवरी को शाम 4:52 बजे तक साध्य योग रहेगा। इसके अलावा इस दिन दिन रवि योग का सुन्दर संयोग भी बन रहा है। ऐसे में ये है। उत्तराभाद्रपद के दौरान सिद्ध योग, साध्य योग और रवि योग त्रिवेणी योग बना रहा है।

कालसर्प योग : ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस दिन त्रिवेणी योग के साथ ही ब्रह्मांड में चल रहा कालसर्प योग शुभता में बाधा डालेगा।

उल्लेखनीय है कि 31 दिसंबर, शुक्रवार की रात कालसर्प योग सुबह 5 बजे से बना है, जिसके चलते साल की शुरूआत इस अशुभ योग में हुई है। 13 जनवरी को ये योग खत्म हो जाएगा और फिर योग 27 जनवरी से पुन: ये योग प्रारंभ हो जाएगा, जो 24 अप्रैल 2022 तक रहेगा। इसके बाद कालसर्प योग पूरी तरह से समाप्त हो जाएगा। अब फिर यह योग गुरुवार, 27 जनवरी से पुन: प्रारंभ हुआ है जो अब रविवार, 24 अप्रैल 2022 तक रहेगा। ऐसे में तब के सभी त्योहारों पर काल सर्प योग का साया भी रहेगा।

उपाय : 24 अप्रैल तक सभी सतर्क रहें। हनुमान चालीसा का पाठ करते रहें। शिव-पंचाक्षर स्त्रोत का नियमित पाठ करें। लाल चन्दन, अपामार्ग और दारुहल्दी को लौंग कपूर-घी के साथ मिलकर पूरे घर में धूनी दें। किसी भी प्रकार की तामसिक वस्तु का सेवन न करें और बुरे कर्मों से दूर रहें। प्रत्येक त्योहार पर दान पुण्य करते रहें।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष, सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। वेबदुनिया इसकी पुष्टि नहीं करता है।)



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