horoscope 2020 : पंचग्रही योग में आया नया साल, 12 राशियों पर क्या होगा प्रभाव, जानिए विस्तार से

और कुंभ राशि में हुआ है। वर्ष कुंडली में लग्न स्वामी, बुध राशि स्वामी शनि के साथ केंद्र में विराजमान है। इनके साथ ही सूर्य, केतु और गुरु भी उपस्थित हैं। कुल मिलाकर वर्ष के लग्न व राशि स्वामी लग्न से सुख भाव में सूर्य, गुरु व केतु के साथ बना रहे हैं। वर्ष की शुरुआत में पराक्रम में बैठे हैं तो पंचम भाव में शुक्र विराजमान हैं। चंद्रमा छठे घर में हैं।

वर्ष कुंडली के अनुसार ग्रहों की यह स्थिति आपके लिए कैसी रहेगी? शनि, राहू व बृहस्पति आपकी वर्ष कुंडली में आपकी राशि से किन भावों में विराजमान हैं? का आपकी राशि पर क्या प्रभाव पड़ने वाला है?

मेष राशि 2020

मेष राशि वालों के लिए नया साल 2020 अनुकूल फलदायक रहेगा। भाग्य स्थान में सूर्य, बुध, गुरु, शनि और केतु की युति हो रही है, जो कि आपके भाग्य में वृद्धि के संकेत कर रहे हैं। हेल्थ से लेकर वेल्थ तक आप अपनी स्थिति काफी बेहतर देख सकते हैं।
हालांकि आपकी राशि के स्वामी मंगल वर्ष की शुरुआत में अष्टम भाव में स्वराशिगत है, जो कि शुरुआती दिनों में आपको अपनी फिटनेस पर ध्यान देने के संकेत कर रहे हैं। यदि आप पिछले कुछ समय से योग, ध्यान व व्यायाम आदि को अपनी दिनचर्या में शामिल करने की योजना बना रहे हैं तो इस वर्ष संकल्प के साथ इसकी शुरुआत कर सकते हैं।

इस वर्ष लगभग 9 माह तक राहु आपकी राशि से पराक्रम भाव में रहेंगे, जो कि आपका पराक्रम बढ़ने के संकेत कर रहे हैं। यदि पिछले कुछ समय से विदेश जाने की योजना बना रहे हैं तो इस वर्ष आपके लिए विदेश की छोटी-छोटी यात्राएं हो सकती हैं। जो जातक रेस्टॉरेंट, रियल स्टेट, गूढ़ रहस्य (पुरातत्व, ज्योतिष, वास्तु, रिसर्च, विज्ञान) आदि क्षेत्रों में अपना नया बिजनेस शुरू करने के इच्छुक हैं, उनके लिए भी यह वर्ष काफी अनुकूल कहा जा सकता है।

वर्ष कुंडली में लाभ स्थान में चंद्रमा आपके लिए फाइनेंशियल कंडीशन मजबूत होने के संकेत तो कर ही रहे हैं, साथ ही आपको घर का सुख भी इस वर्ष मिलने के आसार हैं।

इसी वर्ष शनि के परिवर्तन से कर्मक्षेत्र में काफी उन्नति के योग बनेंगे। काफी समय से आया हुआ विचार, जो कि अभी तक पूरा करने का जोखिम नहीं उठा पा रहे थे, उसे अब आप बहुत ही अच्छे तरीके से कर पाएंगे। 24 जनवरी को शनि का मकर राशि में प्रवेश करना, जहां सूर्य पहले से विराजमान है, आपके लिए पिता के साथ संबंधों में मतभेद बढ़ सकता है। साथ ही कुछ समय के लिए आपके कामकाज में भी बाधाएं आ सकती हैं जिसके लिए आपको तैयार रहने की आवश्यकता रहेगी, क्योंकि कहते हैं न कि 'सावधानी हटी दुर्घटना घटी'। इसलिए कुछ चीजों को आप सचेत रहकर टाल सकते हैं अन्यथा नुकसान को कम तो निश्चित तौर पर कर सकते हैं।

सीनियर्स व अधिकारियों के साथ अपने व्यवहार को अच्छा रखें अन्यथा आपके लिए परिस्थितियां विकट भी हो सकती हैं। अपने स्वभाव में भी सुधार लाने की आवश्यकता होगी, क्योंकि उग्र स्वभाव में भी वृद्धि हो सकती है।


कर्मेश शनि का कर्म में विराजमान होना आपके लिए आगे आने वाले महीनों में आपको अपनी कड़ी मेहनत का फल अवश्य दिलाएगा। विशेषकर जो जातक न्याय के क्षेत्र में या रिसर्च आदि में कार्य कर रहे हैं, उन्हें शनि उन्नति दिला सकते हैं।

30 मार्च को बृहस्पति भाग्य स्थान से गोचर कर कर्मभाव में शनि के साथ आ जाएंगे, जहां वे अपनी नीच राशि में होंगे। वैसे तो नीच राशि में ग्रह का होना अशुभ माना जाता है लेकिन आपकी कुंडली के अंदर कर्म का शनि भी स्वराशि का होगा। इन दोनों की युति से नीच भंग राजयोग बन रहा है, जो कि आपके छोटे से कार्य को भी बहुत ही बड़ा लाभ दिलाने में सहयोग करेगा।

कुल मिलाकर कह सकते हैं कि वित्त वर्ष 2020-21 की शुरुआत से ही आपके लिए शुभ समय की शुरुआत हो जाएगी। इसी समय के आसपास मंगल भी अपनी उच्च राशि में दशम स्थान में शनि व गुरु के साथ रहेंगे जिसके कारण मीडिया, सिनेमा, सूचना, तकनीक, मनोरंजन आदि क्षेत्रों में आपको शुभ प्रभाव देखने को मिल सकता है।

11 मई को शनि का वक्र होना अचानक से कार्यक्षेत्र में बदलाव की संभावनाएं बना सकता है। शनि पिता के स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकते हैं। शनि के पश्चात 14 मई को गुरु भी वक्री हो जाएंगे। लेकिन आपको घबराने की बिलकुल भी जरूरत नहीं है, क्योंकि 'ज्योतिष प्रकाश तत्व' में लिखा है कि 'क्रूरा वक्रा महाक्रूरा सौम्या वक्रा महाशुभा' अर्थात क्रूर ग्रह वक्री होने पर नकारात्मक परिणाम अधिक देते हैं तो वहीं सौम्य यानी शुभ ग्रहों का भी शुभ प्रभाव अधिक हो जाता है। गुरु की कृपा से इस समय आपके अधूरे कार्यों को आप पूरा कर सकते हैं। रिलेशनशिप को लेकर, फैमिली लाइफ को लेकर कोई कंफ्यूजन चल रहा है तो उसे भी गुरु के प्रभाव से दूर किया जा सकता है।

जून माह में वक्री गुरु धनु राशि में चले जाएंगे जिसके पश्चात आप अपनी योजनाओं पर अमल करना शुरू कर सकते हैं।

13 सितंबर को गुरु मार्गी हो जाएंगे। गुरु के मार्गी होने के साथ ही आपके दिमाग में नए-नए विचार जन्म ले सकते हैं। क्रिएटिव यानी रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए यह समय काफी अच्छा रहेगा।

23 सितंबर को आपकी राशि से दूसरे स्थान में राहु प्रवेश करेंगे जिससे आप किसी पारिवारिक विवाद में फंस सकते हैं। परिजनों के साथ वैचारिक मतभेद भी इस समय बढ़ सकते हैं। हालांकि व्यावसायिक तौर पर यह समय आपके लिए लाभ वाला रहने की उम्मीद की जा सकती है। धन-संपदा में वृद्धि के योग बन रहे हैं।
इसी समय केतु का अष्टम भाव में आना अचानक से धनलाभ गुप्त धन की प्राप्ति या लॉटरी आदि से धन के योग बन सकते हैं। कुल मिलाकर सितंबर के अंतिम दिनों में आपकी फाइनेंशियल कंडीशन काफी मजबूत रहने के आसार हैं।

सितंबर महीने के लगभग अंत में 29 सितंबर 2020 को शनि मार्गी हो जाएंगे जिससे अब तक अगर आपको कामकाज में किसी तरह की बाधा का सामना करना पड़ा है तो उससे निजात मिल सकती है। लंबित कार्य भी सिरे चढ़ सकते हैं।

11 नवंबर को गुरु के पुन: राशि बदलकर मकर राशि में शनि के साथ आने पर नीचभंग राजयोग का लाभ आपको मिलने लगेगा। कामकाजी जीवन में सफलता तो मिलेगी ही, साथ ही आपके करियर में उन्नति के योग भी बनेंगे। कार्यों में तेजी आएगी।



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