ज़िंदगी ए ज़िंदगी
ढूँढ़ने निकला था तुझको और ख़ुद को खो दिया
तू ही अब मेरा पता दे, ज़िंदगी ए ज़िंदगी - ज़क़ा सिद्दीक़ी
तू ही अब मेरा पता दे, ज़िंदगी ए ज़िंदगी - ज़क़ा सिद्दीक़ी
- वेबदुनिया पर पढ़ें :
- समाचार
- बॉलीवुड
- ज्योतिष
- लाइफ स्टाइल
- धर्म-संसार
- महाभारत के किस्से
- रामायण की कहानियां
- रोचक और रोमांचक
