महाराष्ट्र के उद्योगमंत्री नारायण राणे ने तटीय सिंधुदुर्ग जिले में अपने रिश्तेदार अंकुश के कथित तौर पर लापता होने के मामले में शिवसेना पर आरोप लगाया है। पुलिस ने इस मामले में अपहरण का एक मामला दर्ज किया है।
यह संयोग की बात है कि वर्ष 2005 में शिवसेना ने अपने एक कार्यकर्ता रमेश गोवेकर के लापता होने के मामले में राणे का हाथ होने का आरोप लगाया था।
सिंधुदुर्ग-रत्नागिरि सीट पर राणे के पुत्र नीलेश और पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं शिवसेना उम्मीदवार सुरेश प्रभु के खिलाफ चुनाव मैदान में हैं। यहाँ 23 अप्रैल को चुनाव होना है।
राणे ने प्रभु के लिए चुनाव प्रचार कर रहे शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत का इस काम में हाथ होने का आरोप लगाते हुए कहा कि मतदाताओं को डराने के लिए यह प्रतिद्वंद्वियों का हथकंडा है।
राउत ने इन आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि राणे ऐसा आरोप इसलिए लगा रहे हैं क्योंकि वे हार रहे हैं।
सिंधुदुर्ग के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि अंकुश नाम का एक किसान 17 अप्रैल को कंकावली बाजार गया था, उसके बाद वह घर आने के लिए एक बस में सवार हुआ था। अधिकारी ने बताया कि बस स्टैंड से उसके घर की दूरी डेढ़ किलोमीटर है लेकिन वह घर नहीं लौट सका।
गौरतलब है कि वर्ष 2005 में राणे शिवसेना को छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए थे। इसके बाद उपचुनाव में राणे ने जीत हासिल की थी। उस वक्त शिवसेना ने आरोप लगाया था कि गोवेकर के लापता होने के पीछे राणे का हाथ है।
इस मामले को सीबआई को सौंप दिया गया था लेकिन अभी तक गोवेकर को नहीं खोजा जा सका है।
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