सुभाषचंद्र बोस : संक्षिप्‍त परिचय

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1932-1936: नेताजी ने भारत की आजादी के लिए विदेशी नेताओं से दबाव डलवाने के लिए इटली में मुसोलनी, जर्मनी में फेल्‍डर, आयरलैंड में वालेरा और फ्रांस में रोमा रोनांड से मुलाकात की।
1936: 13 अप्रैल, 1936 को भारत आने पर उन्‍हें बंबई में गिरफ्तार कर लिया गया
1936-37: रिहा होने के बाद उन्‍होंने यूरोप में ‘इंडियन स्‍ट्रग’ प्रकाशित करना शुरू किया
1938: हरिपुर अधिवेशन में काँग्रेस अध्‍यक्ष चुने गए। इस बीच शांति निकेतन में रवींद्रनाथ टैगोर ने उन्‍हें सम्‍मानित किया1939: महात्‍मा गाँधी के उम्‍मीदवार सीतारमैया को हराकर एक बार फिर काँग्रेस के अध्‍यक्ष बने। बाद में उन्‍होंने फॉरवर्ड ब्‍लॉक की स्‍थापना की।
1940: उन्‍हें नजरबंद कर दिया गया। इस बीच उपवास के कारण उनकी सेहत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा
1941: एक नाटकीय घटनाक्रम में वह 7 जनवरी, 1941 को गायब हो गए और अफगानिस्‍तान और रूस होते हुए जर्मनी पहुँचे1941: 9 अप्रैल, 1941 को उन्‍होंने जर्मन सरकार को एक मेमोरेंडम सौंपा, जिसमें एक्‍सिस पॉवर और भारत के बीच परस्‍पर सहयोग को संदर्भित किया गया था। सुभाषचंद्र बोस ने इसी साल नवंबर में स्‍वतंत्र भारत केंद्र और स्‍वतंत्र भारत रेडियो की स्‍थापना की
1943: वह नौसेना की मदद से जापान पहुँचे और वहाँ पहुँचकर उन्‍होंने टोक्‍यो रेडियो से भारतवासियों को संबोधित किया। 21 अक्‍टूबर, 1943 को आजाद हिन्‍द सरकार की स्‍थापना की और इसकी स्‍थापना अंडमान और निकोबार में की गई, जहाँ इसका शहीद और स्‍वराज नाम रखा गया1944: आजाद हिन्‍द फौज अराकान पहुँची और इंफाल के पास जंग छिड़ी। फौज ने कोहिमा (इंफाल) को अपने कब्‍जे में ले लिया
1945: दूसरे विश्‍व युद्ध में जापान ने परमाणु हमले के बाद हथियार डाल दिए। इसके कुछ दिनों बाद नेताजी की हवाई दुर्घटना में मारे जाने की खबर आई। हालाँकि इस बारे में कोई प्रत्‍यक्ष प्रमाण नहीं प्राप्‍त हुए हैं।

 

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