आज के मुहूर्त (20.7.2010)
मंगलवार, 20 जुलाई 2010
आज आपका दिन मंगलमयी रहे यही शुभकामना है। वेबदुनिया प्रस्तुत कर रही है खास आपके लिए आज के दिन के विशिष्ट मुहूर्त। अगर आप आज वाहन खरीदने का विचार कर रहे हैं या आज कोई नया व्यापार आरंभ करने जा रहे हैं तो आज के शुभ मुहूर्त में ही कार्य करें ताकि आपके कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
ज्योतिष एवं धर्म की दृष्टि से इन मुहूर्त का विशेष महत्व है। मुहूर्त और चौघड़िए के आधार पर वेबदुनिया आपके लिए प्रतिदिन के खास मुहूर्त की सौगात लेकर आई है।
प्रस्तुत है आज के मुहूर्त
शुभ विक्रम संवत- 2067, शालिवाहन शक संवत- 1932, संवत्सर का नाम- शोभन, अयन- दक्षिणायन, ऋतु- वर्षा, मास- आषाढ़, पक्ष- शुक्ल, तिथि- दशमी रात्रि 25.37 पश्चात एकादशी, हिजरी सन्- 1431, मु. मास- शाबान, तारीख- 07, नक्षत्र- विशाखा रात्रि 24.24 पश्चात अनुराधा, योग- शुभ रात्रि 11.21 पश्चात शुक्ल। सूर्योदयकालीन करण- तैतिल, चन्द्रमा- तुला राशि से वृश्चिक राशि में प्रवेश सायं 06.16 पर करेंगे।
ग्रह योग- मंगल सिंह राशि से कन्या राशि में प्रवेश प्रात: 06.34 पर करेंगे।
दिन- सामान्य।
मुहूर्त- कार्य पूर्ण करने का मुहूर्त।
दिशाशूल- उत्तर दिशा में।
दिन का पर्व- रवि का पुष्य में प्रवेश।
उपयोगी ज्ञान- सर्प की काँचली (जो स्वयंमेव निकली हो) को हमेशा कपड़े में रखना चाहिए, खुली नहीं रखना चाहिए।
कार्य की अनुकूलता के लिए- लाल पुष्प देवस्थान पर अर्पित करें।
शुभ समय- प्रात: 09.01-11.06 दिन 06.10-08.17।
सुझाव- यदि संभव हो तो दिन 03.51 से 05.31 के मध्य शुभ कार्य न करें।
ज्योतिष एवं धर्म की दृष्टि से इन मुहूर्त का विशेष महत्व है। मुहूर्त और चौघड़िए के आधार पर वेबदुनिया आपके लिए प्रतिदिन के खास मुहूर्त की सौगात लेकर आई है।
प्रस्तुत है आज के मुहूर्त
शुभ विक्रम संवत- 2067, शालिवाहन शक संवत- 1932, संवत्सर का नाम- शोभन, अयन- दक्षिणायन, ऋतु- वर्षा, मास- आषाढ़, पक्ष- शुक्ल, तिथि- दशमी रात्रि 25.37 पश्चात एकादशी, हिजरी सन्- 1431, मु. मास- शाबान, तारीख- 07, नक्षत्र- विशाखा रात्रि 24.24 पश्चात अनुराधा, योग- शुभ रात्रि 11.21 पश्चात शुक्ल। सूर्योदयकालीन करण- तैतिल, चन्द्रमा- तुला राशि से वृश्चिक राशि में प्रवेश सायं 06.16 पर करेंगे।
ग्रह योग- मंगल सिंह राशि से कन्या राशि में प्रवेश प्रात: 06.34 पर करेंगे।
दिन- सामान्य।
मुहूर्त- कार्य पूर्ण करने का मुहूर्त।
दिशाशूल- उत्तर दिशा में।
दिन का पर्व- रवि का पुष्य में प्रवेश।
उपयोगी ज्ञान- सर्प की काँचली (जो स्वयंमेव निकली हो) को हमेशा कपड़े में रखना चाहिए, खुली नहीं रखना चाहिए।
कार्य की अनुकूलता के लिए- लाल पुष्प देवस्थान पर अर्पित करें।
शुभ समय- प्रात: 09.01-11.06 दिन 06.10-08.17।
सुझाव- यदि संभव हो तो दिन 03.51 से 05.31 के मध्य शुभ कार्य न करें।
