मंगलवार, 23 जुलाई 2024
  • Webdunia Deals
  1. धर्म-संसार
  2. व्रत-त्योहार
  3. अक्षय तृतीया
  4. Akshaya Tritiya vrat 2021

Akshay Tritiya 2021: कब है अक्षय तृतीया, जानिए क्या करते हैं इस दिन

Akshay Tritiya 2021: कब है अक्षय तृतीया, जानिए क्या करते हैं इस दिन - Akshaya Tritiya vrat 2021
अक्षय तृतीया का पर्व हर साल वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में इसे आखातीज या अक्खा तीज कहते हैं। इस वर्ष अक्षय तृतीया तिथि 14 मई 2021, शुक्रवार को पड़ रही है। इस साल की अक्षय तृतीया कई मयानों में विशेष रहने वाली है।
 
 
अक्षय तृतीया तिथि शुभ मुहूर्त:-14 मई 2021 को सुबह 05 बजकर 38 मिनट से प्रारंभ होकर 15 मई 2021 को सुबह 07 बजकर 59 मिनट तक रहेगी। इस बीच पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 05 बजकर 38 मिनट से दोपहर 12 बजकर 18 मिनट तक रहेगा। पूजा की कुल अवधि 06 घंटा 40 मिनट रहेगी। बताया जाता है कि वर्ष में साढ़े तीन अक्षय मुहूर्त है। जिसमें प्रथम व विशेष स्थान अक्षय तृतीया का है।
 
महत्व : इस दिन भगवान नर-नारायण सहित परशुराम और हय ग्रीव का अवतार हुआ था। इसके अलावा, ब्रह्माजी के पुत्र अक्षय कुमार का जन्म भी इसी दिन हुआ था। बद्रीनारायण के कपाट भी इसी दिन खुलते हैं। मां गंगा का अवतरण भी इसी दिन हुआ था। इसी दिन सतयुग और त्रैतायुग का प्रारंभ हुआ था और द्वापर युग का समापन भी इसी दिन हुआ। अक्षय तृतीया के दिन से ही वेद व्यास और भगवान गणेश ने महाभारत ग्रंथ लिखना शुरू किया था। इसी दिन महाभारत की लड़ाई खत्म हुई। सुदामा भगवान कृष्ण से मिलने पहुंचे थे। अक्षय तृतीया (अखातीज) को अनंत-अक्षय-अक्षुण्ण फलदायक कहा जाता है। जो कभी क्षय नहीं होती उसे अक्षय कहते हैं।
 
क्या करते हैं इस दिन :
1 . इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर के पूछने पर यह बताया था कि आज के दिन जो भी रचनात्मक या सांसारिक कार्य करोगे, उसका पुण्य मिलेगा। अक्षय तृतीया के दिन ही वृंदावन के बांके बिहारी जी के मंदिर में श्री विग्रह के चरणों के दर्शन होते हैं। 
 
2. अक्षय तृतीया के दिन पंखा, चावल, नमक, घी, चीनी, सब्जी, फल, इमली और वस्त्र वगैरह का दान अच्छा माना जाता है।
 
3. यह तिथि किसी भी नए काम की शुरुआत, खरीददारी, विवाह के लिए बहुत ही शुभ मानी जाती है। इस दिन स्वयंसिद्ध मुहूर्त माना गया है। समस्त शुभ कार्यों के अलावा प्रमुख रूप से शादी, स्वर्ण खरीदने, नया सामान, गृह प्रवेश, पदभार ग्रहण, वाहन क्रय, भूमि पूजन तथा नया व्यापार प्रारंभ कर सकते हैं।
 
4. अक्षय तृतीया के दिन स्नान, ध्यान, जप-तप करना, हवन करना, स्वाध्याय और पितृ तर्पण करने से पुण्य मिलता है। अक्षय तृतीया के पावन दिन पिंडदान करने से पितरों को मोक्ष प्रदान होता है।
 
5. इस दिन महिलाएं अपने परिवार की समृद्धि के लिए व्रत करती हैं। अक्षय तृतीया के दिन भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की पूजा विधि-विधान से करने से मनवांछित फल की प्राप्ति होती है। भगवान के सामने धूप दीप प्रज्वलित करें और चंदन, श्वेत कमल के पुष्प या श्वेत गुलाब आदि से पूजन करें। 
इसके बाद अपने घर में सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें। 
ये भी पढ़ें
Eid ul Fitr 2021: जानिए इस बार कब मनाया जाएगा ईद का त्योहार?