आ गई शिवरात्रि पधारो शंकरजी। हो पधारो शंकरजी, आरती उतारें। पार उतारें शंकरजी हो उतारें शंकरजी।। तुम नयन-नयन में हो, मन धाम तेरा। हे नीलकंठ है कंठ, कंठ में नाम तेरा। हो देवों के देव, जगत में प्यारे शंकरजी। तुम राजमहल में, तुम्हीं भिखारी के घर में। धरती...