1. धर्म-संसार
  2. व्रत-त्योहार
  3. आरती/चालीसा
  4. Shivratri Bhajan

Shiv bhajans:श्री शिवरात्रि भजन

Shivratri Bhajan
आ गई शिवरात्रि पधारो शंकरजी।
हो पधारो शंकरजी, आरती उतारें।
 
पार उतारें शंकरजी हो उतारें शंकरजी।।
तुम नयन-नयन में हो, मन धाम तेरा।
हे नीलकंठ है कंठ, कंठ में नाम तेरा।
 
हो देवों के देव, जगत में प्यारे शंकरजी।
तुम राजमहल में, तुम्हीं भिखारी के घर में।
धरती पर तेरा चरण, मुकुट है अंबर में।
 
संसार तुम्हारा एक हमारे शंकरजी।
तुम दुनिया बसा कर, भस्म रमाने वाले हो।
पापी के भी रखवाले, भोले-भाले।
दुनिया में भी दो दिन तो गुजारो शंकरजी।
 
क्या भेंट चढ़ाएं, तन मैला वर सूना।
ले लो आंसू के गंगाजल का है नमूना
आ करके नयन में चरण पखारो शंकरजी।।


 

ऐसी और खबरें तुरंत पाने के लिए वेबदुनिया को फेसबुक https://www.facebook.com/webduniahindi पर लाइक और 
ट्विटर https://twitter.com/WebduniaHindi पर फॉलो करें। 
अगला लेख
भगवान शिव की पौराणिक आरती : जय गिरिजाधीशा