ज्योतिष की नजर में वर्ष 2009

जानें अपना राशिफल

2008-2009
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वर्ष 2008 जाने को है और 2009 अपनी बाँहें फैलाए नई सुबह का इंतजार कर रहा है। आइए देखें यह नया वर्ष क्या फल लेकर आएगा विभिन्न राशियों के लिए।

मेष :- वर्चस्व व प्रभाव में वृद्धि, कर्मक्षेत्र में प्रतिस्पर्धा, विरोधी सक्रिय रहेंगे। संचित धन में कमी हो सकती है। जनवरी, फरवरी में स्वास्थ्य कष्‍ट, व्यावसायिक दबाव, मार्च-अप्रैल में प्रॉपर्टी लेन-देन न करें, बात न बढ़ाएँ। मई से समय सुधरेगा, आर्थिक लाभ, आमदनी बढ़ेगी। सितंबर से दिसंबर तक दुस्साहस न दिखाएँ। शनि का जप-दान करें।

वृषभ :- वर्ष उतार-चढ़ावभरा, स्वास्थ्य कष्‍ट रहेगा, निराशावादी वृत्ति हावी रहेगी। कार्यक्षेत्र में परिश्रम के अनुरूप फल मिलेगा। जनवरी से मार्च तक का समय सामान्य, अप्रैल से सितंबर तक सावधानी रखें, वाणी पर नियंत्रण रखें, निर्णय विचार करके लें। शेष समय अनुकूल रहेगा। का करें।

मिथुन :- कर्मक्षेत्र अनुकूल, प्रभाव में वृद्धि होगी, स्वास्थ्य नरम-गरम रहेगा, जीवनसाथी से मतभेद संभावित। जनवरी, अप्रैल, जून, जुलाई, सितंबर माह में सावधानी अपेक्षित, नए कार्य न करें। शनि-शिव की उपासना लाभ देगी।

कर्क :- वर्ष अच्छा है, धन संचय होगा। व्यावहारिक दृष्‍टिकोण में सुधार। भाग्य अनुकूल। जीवनसाथी से मतभेद संभावित। फरवरी से जुलाई ‍तक स्थिति अनुकूल, जनवरी व अगस्त में विशेष सावधानी रखें। शेष माह सामान्य रहेंगे। भावनाओं पर नियंत्रण आवश्यक है। शिव चालीसा का पाठ करें।

सिंह :- तनाव व श्रम की अधिकता, उदर-विकार, शत्रु बढ़ेंगे। परिश्रम की अधिकता मगर प्रतिष्‍ठा के योग भी मिलेंगे। उत्तरदायित्व बढ़ेंगे। संतान हेतु समय अनुकूल। जनवरी, फरवरी, मई व अक्टूबर में विशेष सावधानी अपेक्षित, शेष माह अनुकूल रहेंगे। शनि व राहु का जप-दान करें।

कन्या :- मिश्रित फलदायी, तनाव, खर्च वृद्धि, परिश्रम की अधिकता, वाहन प्रयोग में सावधानी अपेक्षित। फरवरी, मई, जून, सितंबर व अक्टूबर में खर्च-व्यवहार नियंत्रण रखें। कार्यक्षेत्र में सावधानी रखें। शेष माह सामान्य रहेंगे। उपासना लाभ देगी।

तुला :- जमीन-जायदाद के सौदों में हानि, कार्यक्षेत्र व संचित कोष में विस्तार। व्यापार में विस्तार, व्यापार में कठिनाइयाँ, नौकरी में विशेष उन्नति, अनायास लाभ होगा। अप्रैल, मई, जुलाई, अक्टूबर में तनाव, शारीरिक और आर्थिक कष्ट, शेष माह अच्छे रहेंगे। माँ दुर्गा की आराधना करें।

वृश्चिक :- मिश्रित फलदायक, मित्रों-भाइयों से कष्ट, वैवाहिक जीवन में मतभेद, परिश्रम की अधिकता, आर्थिक स्थिति में उतार-चढ़ाव। जनवरी, मार्च, अप्रैल, जुलाई, अगस्त में सावधानी अपेक्षित, शेष माह साधारण, राहु-शनि का जप-दान करें।

धनु :- व्यावसायिक सफलता, प्रतिष्ठा वृद्धि, परिवार में कष्ट, व्यय की अधिकता, उदर विकार संभव, वाणी पर नियंत्रण रखें। जनवरी, मार्च, अप्रैल, मई प्रतिकूल हैं। शेष समय अच्छा रहेगा। भगवान विष्णु की आराधना करें।

मकर :- स्वास्थ्य कष्ट, तनाव, मानसिक अस्थिरता, वाणी में कटुता, परिश्रम की अधिकता, खर्च पर नियंत्रण रखें। मार्च, मई, अगस्त, सितंबर, अक्टूबर अच्छा फल देंगे। शेष माह प्रतिकूल रहेंगे। हनुमानजी की आराधना करें।

कुंभ :- वर्ष अच्छा फल देने वाला, अचल संपत्ति क्रय के योग, यात्राएँ अधिक, धनलाभ, स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव, वाहन से धोखा संभावित, फरवरी, अप्रैल, जून, दिसंबर प्रतिकूल, शेष माह अच्छा फल देंगे। राहु का जप-दान और सरस्वती आराधना करें।

भारती पंडित|
मीन :- वर्ष धन, यश, व्यापार के लिए अच्छा मगर स्वास्थ्य, परिवार के लिए मुश्किल समय। विरोधी बढ़ेंगे, व्यय की अधिकता। आत्मविश्वास बढ़ा-चढ़ा रहेगा। जनवरी से मार्च, जुलाई से नवंबर तक समय अनुकूल। शेष समय स्वास्थ्य का ध्यान रखें। वाणी पर नियंत्रण जरूरी। शनि का जप-दान करें। सुंदरकांड का पाठ और इष्ट का पूजन करें।



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