माना जाता है कि अमेरिकी जिम से निकले इस पॉवर योगा ने पहले देश की जानी मानी हस्तियों के बीच अपनी जगह बनाई और अब यह भारत के युवाओं के बीच पॉपुलर हो रहा है। पॉवर योगा के मोहपाश में पहले बॉलीवुड और स्पोर्टस की जानी-मानी हस्तियाँ बंधी और अब जिमखानों में इसका प्रचलन बढ़ने लगा है।
अमेरिका के दो योग टीचर्स बेरिल बेंडर बर्च और ब्रयान केस्ट ने एक योग मास्टर से अष्टांग योगा सीखा कर अष्टांग योग पर ही आधारित पॉवर योगा की शुरुआत 1990 के मध्य में की थी। अष्टांग में ही कुछ परिवर्तन कर और कुछ टेक्निक्स जोड़कर पॉवर योगा बनाया गया।
यह योगा का एथलेटिक स्टाइल में है, जिसमें श्वास और अध्यात्म से ज्यादा स्ट्रेंथ और फ्लेक्सिबिलिटी पर जोर दिया जाता है। मुद्राओं की कोई निर्घारित श्रेणी नहीं होने के कारण अलग अलग योगा टीचर के अनुसार अलग-अलग योगा स्टाइल हो सकती है।
वजन घटाना हो या फिगर को मेंटेन रखना हो सभी गर्ल्स एंड बॉयज पॉवर योगा सीख रहे हैं। योग टीचर इसमें फिटनेस, स्ट्रेंथ, सेल्फ कंट्रोल और कन्संट्रेशन के लिए डायनेमिक फॉर्म और रिद्म के साथ पॉवर योगा सिखा रहे हैं।
पॉवर योगा में प्रत्येक व्यक्ति की बॉडी के अनुसार विभिन्न तरह की एक्सरसाइज का इस्तेमाल किया जाता है। जैसे बॉडी शेप होगा वैसे योगा फार्मेट होगा। पॉवर योगा टीचर आपकी बॉडी अनुसार ही आपको एक्सरसाइज की टिप्स बताते हैं।
आमतौर पर चार तरह के बॉडी शेम माने जाते हैं:- एप्पल शेप, पियर शेप, नॉर्मल और टूयब शेप जिसे जीरो फिगर भी कहा जाता है। प्रत्येक शेप के लिए अलग-अलग योगा एक्सरसाइज बताई जाती है।
सावधानी : इस पॉवर योगा को किसी योगा एक्सपर्ट की देखरेख में ही करें। सप्ताह में कम से कम तीन बार पॉवर योगा जरूर करें। अपनी मेडिकल हिस्ट्री की जानकारी अपने योगा टीचर को दें। इसे करते वक्त कंफर्टेबल रहें और अपनी क्षमता के अनुसार ही करें।
इसके लाभ : अस्थमा, ब्रॉन्काइटिस, साइनस, हाइपरटेंशन आदि बीमारियों में लाभदायक। रक्त संचार और इम्यून सिस्टम का संतुलन बनाए रखता है। स्टेमिना, स्ट्रेंथ और फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ती है। सभी तरह के रोग में लाभदायक।