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Last Updated : गुरुवार, 28 दिसंबर 2023 (18:04 IST)

वर्ष 2023 के प्रमुख धार्मिक घटनाक्रम

Religion 2023 | वर्ष 2023 के प्रमुख धार्मिक घटनाक्रम
Year Ender 2023 Major religious events : धार्मिक घटनाक्रम को लेकर वर्ष 2023 बहुत ही उथल-पुथल वाला वर्ष रहा है। देश और दुनिया में जहां हिन्दू सनातन धर्म के प्राचार प्रसार बढ़ा है, वहीं कुछ नेताओं ने हिंदू सनातन धर्म पर विवादित टिप्पणियां भी की हैं। धर्मांतरण को लेकर भी देश में वाद-विवाद होता रहा है। इस बीच दुनियाभर के कुछ ऐसे धार्मिक स्थान रहे हैं जिन्होंने पूरे विश्‍व का ध्यान अपनी ओर‍ खिंचा है। आओ जानते हैं देश के 10 धार्मिक घटनाक्रम।
 
अयोध्या : दीपावली के दिन अयोध्या में इस वर्ष सरयू नदी के तट पर 22 लाख दीये जलाकर अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा गया। अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। अगले साल 22 जनवरी 2024 को भव्य उद्घाटन समारोह के अंतर्गत मंदिर में मूर्ति की प्राण प्रतिष्‍ठा होनी है। इस बीच वर्ष 2023 में पूरे वर्ष यह मंदिर चर्चा में रहा। मंदिर में समारोह में कई नेता, अभिनेता और प्रख्‍यात लोगों को न्योता दिया गया है। राम मंदिर में प्राण प्रतिष्‍ठा के लिए 84 सेकंड का सबसे शुभ मुहूर्त निकाले जाने की भी चर्चा रही है। 22 जनवरी 2024 को दोपहर 12:15 से 12:45 बजे का निकला है। इस शुभ घड़ी में प्रभु श्री रामलला अपने भक्तों के सामने विराजमान होंगे। उद्घाटन के पूर्व 30 दिसंबर 2023 को पीएम मोदी का अयोध्या में भव्य रोड शो भी प्रस्तावित है।
 
ज्ञानवापी मस्जिद : पूरे वर्ष काशी विश्‍वनाथ मंदिर के पास स्थित ज्ञानवापी मस्जिद का मामला गर्माया रहा। वाराणसी की जिला अदालत ने काशी विश्‍वनाथ मंदिर के बगल में स्थित ज्ञानवापी मस्जिद के पूरे परिसर का भारतीय पुरातत्‍व सर्वेक्षण से सर्वेक्षण कराने का आग्रह करने वाली याचिका को मई में जब से सुनवाई के लिए मंजूर किया तभी से यह मामला चर्चा में रहा। इसी के साथ ही अदालत ने ज्ञानवापी मामले से संबंधित एक ही प्रकृति के 7 मुकदमों की सुनवाई एक साथ किए जाने का आदेश भी दिया। इस याचिका को मुस्लिम पक्ष ने चुनौती दी। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के स्वामित्व को लेकर वाराणसी की एक अदालत में लंबित मूल वाद की पोषणीयता और ज्ञानवापी परिसर का समग्र सर्वेक्षण कराने के निर्देश को चुनौती देने वाली सभी पांच याचिकाएं खारिज कर दी। ये याचिकाएं ज्ञानवापी मस्जिद का प्रबंधन करने वाली अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद कमेटी और उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड द्वारा दायर की गई थीं। इसके मतलब यह कि अब मस्जिद का सर्वे होगा।
 
मथुरा कृष्‍ण मंदिर: मथुरा का श्रीकृष्‍ण मंदिर भी पूरे वर्ष चर्चा में रहा। यहां जन्मभूमि की आधी भूमि पर बनी ईदगाह को लेकर विवाद रहा। पहले हिंदू महासभा ने ईदगाह में हनुमान चालीसा पढ़ने की कोर्ट से जब से अनुमति मांगी यह स्थान चर्चा में आ गया। इसके बाद वर्ष 2023 के प्रारंभ में मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि-ईदगाह मामले में सिविल जज सीनियर डिवीजन की फास्ट ट्रैक अदालत ने प्रतिवादी की आपत्ति पर बुधवार को अमीन रिपोर्ट तलब करने के पिछले आदेश को स्थगित करते हुए सर्वे वाले मामले की सुनवाई को टाल दिया। मथुरा जनपद एक अदालत में चल रही श्रीकृष्ण जन्मभूमि-ईदगाह विवाद की सुनवाई में अखिल भारत हिन्दू महासभा के कोषाध्यक्ष दिनेश शर्मा ने सोमवार को एक प्रार्थना पत्र दाखिल कर ईदगाह के सर्वेक्षण के दौरान अमीन के साथ उन्हें भी उपस्थित रहने की अनुमति देने की मांग की थी। ईदगाह परिसर में हिन्दू मंदिर के साक्ष्य होने को लेकर सर्वे होना है। 
 
अंतत: मथुरा की श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 14 दिसंबर को बड़ा फैसला दिया है। अदालत ने हिन्दू पक्ष की याचिका स्वीकार करते हुए मथुरा ईदगाह परिसर के सर्वे की अनुमति दे दी है। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने कमिश्नर की नियुक्ति को भी मंजूरी दे दी है। गौरतलब है कि इस मामले में हिन्दू सेना के अध्यक्ष विष्णु गुप्ता एवं उपाध्यक्ष सुरजीत सिंह ने गत वर्ष आठ दिसंबर को सिविल जज सीनियर डिवीजन तृतीय सोनिका वर्मा की अदालत में याचिका दाखिल की और दावा किया कि जिस 13.37 एकड़ जमीन पर शाही मस्जिद ईदगाह बनी है, वह श्री कृष्ण जन्मभूमि की है। 
सम्मेद शिखरजी : झारखंड में स्थित जैन तीर्थ सम्मेद शिखरजी को पर्यटन स्थल बनाने की राज्य सरकार की पहल का जैन धर्म के लोगों ने देशभर में विरोध प्रदर्शन किया जिसके चलते यह मामला देशभर में चर्चा में आ गया। इस बीच आदिवासियों के आने से भी विवाद और बढ़ गया जिसके चलते राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के प्रमुख इकबाल सिंह लालपुरा ने कहा कि केंद्र और झारखंड सरकार ने तय किया है कि जैन स्थल सम्मेद शिखरजी तीर्थस्थल ही रहेगा और इसे पर्यटन केंद्र के तौर पर परिवर्तित नहीं किया जाएगा। 
 
महाकाल लोक कॉरिडोर : महाकाल लोक कॉरिडोर वैसे तो 2022 में ही बनकर तैयार हो गया था परंतु जून 2023 में आई आंधी तूफान के चलते यहां स्थिति मूर्तियां हवा से उखड़कर नीचे गिर गई। 351 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किए गए इस लोक की 6 मूर्तियां जब उखड़कर टूट गई तो यह पता चला कि ये मूर्तियां ताबड़तोड़ तरीके से अस्थाई रूप से बनाई गई थी। ये टूटी प्रतिमाएं वहां स्थापित किये गये सप्त ऋषियों में से छह की हैं जो करीब 11 फुट ऊंची थीं। छह मूर्तियों के गिरकर टूटने के संबंध में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि इस गलियारे के निर्माण में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। उसने आरोप लगाया है कि मूर्ति निर्माण की सामग्री में बेहद ही गुणवत्ताहीन सामग्री का उपयोग करके घटिया स्तर का निर्माण किया गया है। इसके चलते बहुत विवाद रहा।
 
सनातन धर्म विवाद : डीएमके नेता और तमिलनाधु के युवा एवं खेल मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म को उस तरह खत्म करने की बात कहीं जिस तरह की एक मच्छर को खत्म करना जरूरी होता है। उदयनिधि ने कहा था कि सनातन धर्म डेंगू, मलेरिया की तरह है और इसे खत्म करना होगा। इसके अलावा डीएमके के एक और नेता ए राजा ने कहा था, "सनातन धर्म सामाजिक बीमारी है। यह कुष्ठ रोग और एचआईवी से भी ज्यादा घातक है।" स्टालिन के बयान का कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे प्रियांक खरगे ने भी समर्थन किया था। दूसरी ओर समाजवादी पार्टी के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने हिंदू धर्म को एक धोखा बताया था।
 
इस नेताओं के बयान के चलते पूरे देश में एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया था। इससे पहले लालू प्रसाद याद की पार्टी के विधायक राजद फतेह बहादुर ने कहा कि रामायण एक काल्पनिक ग्रंथ है। इसके सभी पात्र काल्पनिक है। महिषासुर समाजवादियों के राजा थे इसलिए मनुवादी विचारधारा के लोगों द्वारा महिषासुर राजा को गलत दिखाया गया है। उनके इस बयान के चलते भी राजनीति गर्माती रही।
फिल्म और धर्म : द केरल स्टोरी सुदीप्तो सेन द्वारा निर्देशित और विपुल शाह द्वारा निर्मित हिंदी भाषा की एक भारतीय फिल्म है। इस फिल्म में जिहादी मानसिकता के चलते तीन महिलाओं के धर्मांतरण की कहानी को दर्शाया गया है। इस फिल्म को लेकर बहुत विवाद रहा था। इस फिल्म ने 250 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई की थी। कश्मीर फाईल के बाद यह स्टोरी सबसे ज्यादा चर्चा में रही जिसमें धर्म को लेकर धर्मान्तरण और हिंसा को दर्शाया गया। कहा गया कि यह फिल्म मुस्लिमों के खिलाफ द्वेष की भावना से बनाई गई है।
 
इस वर्ष जून में रिलीज हुई फिल्म आदिपुरुष में देवी-देवताओं के गलत रूपांतरण पर सवाल उठाया गया। परिणाम यह रहा कि 600 करोड़ में बनी यह फिल्म हिंदी सर्किट में 150 करोड़ तक ही सिमट के रह गई। इसी तरह अक्षय कुमार की फिल्म OMG-2 के खिलाफ उज्जैन के पंडितों ने मोर्चा खोला था। उनका कहना था कि फिल्म से महाकाल मंदिर के सारे शॉट्स हटा लिए जाएं। विवाद के चलते फिल्म को ए सर्टिफिकेट मिला। पठान के गाने 'बेशरम रंग' में दीपिका पादुकोण ने भगवा कलर की बिकिनी पहनी थी। इसके चलते देशभर में इस फिल्म का विरोध हुआ। दीपिका ने इस रंग के कपड़े पहन बेशरम रंग' के बोल वाले गाने पर डांस किया जो कि काफी आपत्तिजनक था। बायकॉट कर रहे लोगों ने कहा कि भगवा जैसे पवित्र रंग का प्रयोग बिकिनी के लिए करना स्वीकार्य नहीं है। इसी के साथ ही फिल्म 72 हूरें में मुस्लिमों की छवि खराब करने के आरोप लगे। फिल्म में दिखाया गया है कि कुछ मौलवी-मौलाना, लोगों को 72 हूरों का लालच दिखाकर आतंकवादी बनाते हैं। उन्हें सुसाइड बॉम्बर बना कर मासूम लोगों को मारने के लिए बरगलाते हैं।

रामनवमी पर दंगा : इस वर्ष ऐसा वर्षों बाद हुआ कि मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, पश्‍चिम बंगाल और बिहार में रामनवमी के जुलूस पर एक धर्म विशेष के लोगों ने पथराव किया जिसके चलते देश के कई क्षेत्रों में दंगे हुए और पूरे देश में तनाव की स्थिति बनी रही। यह एक सोची समझी साजिश के तहत हुआ। रामनवमी के त्योहार पर बंगाल, बिहार समेत देश के अन्य इलाकों में हुई सांप्रदायिक हिंसा ने देश को झकझोर दिया था।