सचिन तेंडुलकर पर होगा दारोमदार
क्रिकेट विश्वकप 2011 के शुरू होने में अब कम ही दिन बचे हैं और भारत के विश्व कप अभियान में कामयाबी का जिम्मा बहुत हद तक रिकॉर्ड के बादशाह सचिन तेंडुलकर पर होगा।
खेल के जानकार मानते हैं कि भारतीय टीम के लिए 1983 के बाद एक बार फिर खिताब जीतने का यह सुनहरी मौका है। टीम इंडिया के वर्तमान फॉर्म को देखते हुए कहना गलत न होगा कि वह सेमीफाइनल में पहुँचने वाली टीमों में से एक होगी।
भारतीय टीम के विश्वकप अभियान लिए जरूरी है कि उसके चोटिल खिलाड़ी वक्त पर मैच फिटनेस हासिल कर लें। सचिन तेंडुलकर का यह संभवतः अंतिम विश्वकप है और सभी की दिली ख्वाहिश है कि सचिन फट रहें और भारत को विश्वकप जिताएँ।
खेल के जानकार मानते हैं कि भारतीय टीम के लिए 1983 के बाद एक बार फिर खिताब जीतने का यह सुनहरी मौका है। टीम इंडिया के वर्तमान फॉर्म को देखते हुए कहना गलत न होगा कि वह सेमीफाइनल में पहुँचने वाली टीमों में से एक होगी।
भारतीय टीम के विश्वकप अभियान लिए जरूरी है कि उसके चोटिल खिलाड़ी वक्त पर मैच फिटनेस हासिल कर लें। सचिन तेंडुलकर का यह संभवतः अंतिम विश्वकप है और सभी की दिली ख्वाहिश है कि सचिन फट रहें और भारत को विश्वकप जिताएँ।
PTI |
भारतीय उपमहाद्वीप में पिछला विश्व कप 1996 में हुआ था औऱ भारतीय टीम ने सेमीफाइनल तक का सफर तय किया था, जहाँ उसे कोलकाता की खराब पिच ने धोखा दिया था.. सचिन ने इस विश्व कप में सबसे ज्यादा रन बनाए थे और अपने दम पर भारतीय टीम को सेमीफाइनल तक का सफर करवाया था।
2011 में अगर भारत को विश्व कप जीतना है तो सचिन को खास प्रदर्शन करना होगा। टीम इंडिया के लिए काफी होगा कि सचिन पारी शुरू करते हुए विकेट पर टिके रहें। सचिन की मौजूदगी का फायदा उठाकर अन्य बल्लेबाज विरोधियों की अच्छी खबर ले सकेंगे।
भारत को विश्व चैंपियन बनाने के लिए मास्टर-ब्लास्टर को पूरे विश्वकप के दौरान अपनी फिटनेस भी बनाए रखनी होगी। उन्हें चोट से बचाने के लिए टीम मैनैजमेंट कोशिश करेगा कि वे अहम मैचों में ही भाग लें।
-शराफत खान

