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Written By ND

फि‍ल्‍मी हुआ करवा चौथ

करवा चौथ
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आज के समय में युवा हों या बच्‍चे, बड़े हों या बूढ़े टीवी और फि‍ल्‍मों का जादू सबके सि‍र चढ़कर बोलता है। समय के साथ-साथ रहन-सहने से लेकर तीज त्‍योहारों पर भी टीवी और फि‍ल्‍मों का असर देखने को मि‍लता है। हम यूँ भी कह सकते हैं कि‍ त्‍योहारों के पर टीवी का और टीवी पर त्‍योहारों का रंग चढ़ा हुआ।

धारावाहिकों का असर
धारवाहिकों की देखा-देखी महिलाएँ खुद को उसी रंग में रंगते हुए भी करवाचौथ का व्रत रखती हैं। कलर्स पर आने वाला धारावाहिक बालिका वधू भले ही राजस्थानी परिवार की संस्कृति से जुड़ा हुआ है लेकिन उसमें भी करवाचौथ के व्रत को किसी न किसी रूप में पेश किया ही जाएगा।

आजकल हर धारावाहिक अपने दर्शकों को बनाए रखने में कोई कसर नहीं छोड़ता विशेषतः महिलाओं को। इसलिए महिलाओं से जुड़े त्योहार को तो खासतौर से धारावाहिकों में विशेष स्थान दिया जाता है।

त्योहार आया नहीं कि पहले या बाद में उस धारावाहिक में वह त्योहार तो मनना ही है। महिलाएँ भी फैशन के नए से नए फंडे धारावाहिकों से ही सीखती हैं। इसी तरह करवाचौथ को मनाने के तौर-तरीकों के मामले में भी ये महिलाएं धारावाहिकों का पढ़ाया हुआ पाठ पढ़ती हैं।

किस तरह सजना-सँवरना है, क्या पहनना है, किस तरह पूजा करनी है सब कुछधारावाहिकों में दिखाए गए ट्रेंड के हिसाब से ही करना वे पसंद करती हैं।

धारावाहिकों में दिखाया गया करवाचौथ मनाने का जो तरीका उन्हें स्टाइल और सहूलियत के हिसाब से अच्छा लगता है, वह उसे अपना लेती हैं।

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कुँवारी लड़कियाँ भी पीछे नहीं
युवतियों में भी यह व्रत करने का उत्साह बहुत बढ़ गया है। करवाचौथ का व्रत खासकर कुँवारी लड़कियों के बीच बहुत बड़ा क्रेज बन गया है। अपने प्यार को सलामत रखने के लिए घरवालों से छुपकर वे भी यह व्रत रखती हैं और किसी न किसी बहाने से उनसे इस दिन मिलती हैं। ये सब भी टीवी और फि‍ल्‍मों का ही असर है।

अब रात को अपने प्यार को देखकर वे व्रत तो नहीं खोल पाती लेकिन तकनीक की मदद लेकर मोबाइल पर उनकी फोटो देख अपना व्रत जरूर खोलती हैं। घर में तबीयत ठीक न होने का बहाना बनाकर दिन भर भूखी रहती हैं और फिर घर से छुपकर खुद उसके लिए खाना बनाकर उनसे मिलने जाती हैं। मिलकर अपने हाथ से उसे खाना खिलाना, यह सब वह व्रत के तहत वे करती हैं।

कई लड़कियाँ तो अपने बॉयफ्रेंड को भी व्रत रखने को कहती हैं और फिर शाम को दोनों एक-दूसरे को उपहार देते हैं। जो लड़के सच में प्यार करते हैं वे भी दिन भर कुछ नहीं खाते लेकिन जो थोड़े मनचले किस्म के होते हैं वे थोड़ा-बहुत खाकर कहते हैं कि उन्होंने भी सुबह से कुछ नहीं खाया।

ऐसी लड़कियाँ जिनकी सगाई हो चुकी है वे भी ये व्रत पूरी आस्था के साथ अपने होने वाले पति का प्यार पाने के लिए रखती हैं।
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