सम्बंधित जानकारी
- क्या वाकई PM मोदी के नाम पर रखा गया है बेंगलुरु की इस मस्जिद का नाम...
- क्या इस महिला ने वाकई एक साथ 17 बच्चों को जन्म दिया...
- क्या मार खाने से गुस्साए रोबोट ने इंसानों पर किया हमला...जानिए सच...
- क्या राहुल गांधी के जन्म के वक्त मौजूद नर्स सिर्फ 13 साल की थी...जानिए सच...
- क्या चुनाव में मतदाता ने बैलेट बॉक्स में चिट्ठी डालकर मांगी बियर? फैक्ट चेक
क्या वाकई संसद में सो रहे थे गृहमंत्री अमित शाह...जानिए पूरा सच...
सोशल मीडिया पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की एक तस्वीर काफी वायरल हो रही है जिसमें संसद में कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद के भाषण के दौरान शाह आंख बंद कर बैठे हुए नजर आ रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि अमित शाह संसद में सो रहे थे। कई यूजर्स ने इस तस्वीर को शेयर कर राहुल गांधी के राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान फोन इस्तेमाल किए जाने का जिक्र करते हुए भाजपा और मीडिया के दोहरे मापदंड को पाखंडी बताया है।
पश्चिम बंगाल कांग्रेस के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से भी यह तस्वीर शेयर की गई है। इसके साथ बंगाली में कैप्शन दिया गया है। हमने गूगल ट्रांसलेट की मदद से कैप्शन का मतलब जानना चाहा तो परिणाम आया- ‘संसद के सत्र के दौरान अमित शाह की शांति? केंद्रीय गृहमंत्री की नींद से पूरा देश हैरान है।’
सच क्या है?
वायरल तस्वीर की पड़ताल के लिए रिवर्स इमेज सर्च की मदद ली, तो हमें रिजल्ट्स में राज्यसभा टीवी के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर 9 जनवरी 2019 को अपलोड किया गया वीडियो मिला। यह वीडियो जनवरी में हुए पार्लियामेंट के विंटर सेशन की है।
आप वीडियो में देख सकते हैं कि जब रविशंकर प्रसाद संविधान में 124वें संशोधन बिल पर बोल रहे हैं, तब अमित शाह उनको ध्यान से सुन रहे हैं। वीडियो में 3:44 मिनट के बाद आप देख सकते हैं कि रविशंकर के हाथ में संविधान की एक किताब है, जिसे वे बाद में सामने रख देते हैं।
वीडियो में 17:37 मिनट पर आप देख सकते हैं कि अमित शाह वह संविधान की किताब उठाते हैं उसके पन्ने पलट रहे हैं।
वीडियो में 18:16 मिनट पर रवि प्रसाद उसी पोज में दिख रहे हैं जो अब वायरल हो रही तस्वीर में है। वीडियो को ध्यान से देखने पर आपको पता चलेगा कि इस वक्त भी अमित शाह किताब ही पढ़ रहे हैं, न कि सो रहे हैं, जैसा कि सोशल मीडिया में दावा किया गया है।
वेबदुनिया की पड़ताल में पाया गया है कि संसद में रविशंकर प्रसाद के भाषण के समय अमित शाह के सोने का दावा गलत है।
Levels of hypocrisy of bhakts : unmatched!@RahulGandhi using his phone is a problem but then @AmitShah sleeping is not! pic.twitter.com/MRzogJE5PU
— Kamran Shahid (@CitizenKamran) June 22, 2019
पश्चिम बंगाल कांग्रेस के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से भी यह तस्वीर शेयर की गई है। इसके साथ बंगाली में कैप्शन दिया गया है। हमने गूगल ट्रांसलेट की मदद से कैप्शन का मतलब जानना चाहा तो परिणाम आया- ‘संसद के सत्र के दौरान अमित शाह की शांति? केंद्रीय गृहमंत्री की नींद से पूरा देश हैरान है।’
সংসদে অধিবেশন চলাকালীন অমিত শাহ্ মহাশয়ের শান্তির ঘুম?
— West Bengal Congress (@INCWestBengal) June 21, 2019
কেন্দ্রীয় গৃহমন্ত্রীর এহেন ঘুম দেখে অবাক গোটা দেশ।। pic.twitter.com/aaQ9400X03
सच क्या है?
वायरल तस्वीर की पड़ताल के लिए रिवर्स इमेज सर्च की मदद ली, तो हमें रिजल्ट्स में राज्यसभा टीवी के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर 9 जनवरी 2019 को अपलोड किया गया वीडियो मिला। यह वीडियो जनवरी में हुए पार्लियामेंट के विंटर सेशन की है।
आप वीडियो में देख सकते हैं कि जब रविशंकर प्रसाद संविधान में 124वें संशोधन बिल पर बोल रहे हैं, तब अमित शाह उनको ध्यान से सुन रहे हैं। वीडियो में 3:44 मिनट के बाद आप देख सकते हैं कि रविशंकर के हाथ में संविधान की एक किताब है, जिसे वे बाद में सामने रख देते हैं।
वीडियो में 17:37 मिनट पर आप देख सकते हैं कि अमित शाह वह संविधान की किताब उठाते हैं उसके पन्ने पलट रहे हैं।
वीडियो में 18:16 मिनट पर रवि प्रसाद उसी पोज में दिख रहे हैं जो अब वायरल हो रही तस्वीर में है। वीडियो को ध्यान से देखने पर आपको पता चलेगा कि इस वक्त भी अमित शाह किताब ही पढ़ रहे हैं, न कि सो रहे हैं, जैसा कि सोशल मीडिया में दावा किया गया है।
वेबदुनिया की पड़ताल में पाया गया है कि संसद में रविशंकर प्रसाद के भाषण के समय अमित शाह के सोने का दावा गलत है।
