वास्तु के अनुसार बेडरूम किस दिशा में होना चाहिए
किस दिशा में होना चाहिए शयनकक्ष
bedroom direction as per vastu
शयनकक्ष की दिशा- bedroom direction:-
- मुख्य शयन कक्ष, जिसे मास्टर बेडरूम भी कहा जाता हें, घर के दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य) या उत्तर-पश्चिम (वायव्य) की ओर होना चाहिए।
- अगर घर में एक मकान की ऊपरी मंजिल है तो मास्टर ऊपरी मंजिल मंजिल के दक्षिण-पश्चिम कोने में होना चाहिए।
- शयन कक्ष में सोते समय हमेशा सिर दीवार से सटाकर सोना चाहिए।
- पैर दक्षिण और पूर्व दिशा में करने नहीं सोना चाहिए। उत्तर दिशा की ओर पैर करके सोने से स्वास्थ्य लाभ तथा आर्थिक लाभ की संभावना रहती है।
- पश्चिम दिशा की ओर पैर करके सोने से शरीर की थकान निकलती है, नींद अच्छी आती है।
- यदि शयन कक्ष अग्निकोण में हो तो पूर्व-मध्य दीवार पर शांत समुद्र का चित्र लगाना चाहिए।
- शयन कक्ष के अंदर भूलकर भी पानी से संबंधित चित्र न लगाएं, क्योंकि पानी का चित्र पति-पत्नी और 'वो' की ओर इशारा करता है।
कैसा हो शयन कक्ष- how about the bedroom: - शयनकक्ष चौकोर होना चाहिए। बेडरूम की छत गोल नहीं होना चाहिए।
- बेडरूम में अटैच टॉयलेट नहीं होना चाहिए। अगर इस्तेमाल में न हो तो अटैच टॉयलेट का दरवाजा बंद रखें।
- बेडरूम को ऑफ-व्हाइट, बेबी पिंक या क्रीम कलर से पेंट करें। गहरे रंगों से बचें।
- शयनकक्ष साफ सुधरा होना चाहिए। पर्दे, चादर, तकिया, रजाई गादी आदि सभी के रंग भी वास्तु के अनुसार ही रखें।
- पैर दक्षिण और पूर्व दिशा में करने नहीं सोना चाहिए।
- उत्तर दिशा की ओर पैर करके सोने से स्वास्थ्य लाभ तथा आर्थिक लाभ की संभावना रहती है।
- पश्चिम दिशा की ओर पैर करके सोने से शरीर की थकान निकलती है, नींद अच्छी आती है।
- शयन कक्ष में सोते समय हमेशा सिर दीवार से सटाकर सोना चाहिए।

