1. समाचार
  2. मुख्य ख़बरें
  3. उत्तर प्रदेश
  4. Digital technology and data will be used in agriculture in Uttar Pradesh

यूपी में खेती में डिजिटल टेक्नोलॉजी व डेटा का होगा इस्तेमाल

यूपी-बिहार मिलकर करेंगे महिला किसानों की क्षमता वृद्धि, रोजगार के खुलेंगे नए द्वार, कृषि उत्पादों की खरीद-बिक्री व मूल्य संवर्धन की तैयारी

Agriculture in Uttar Pradesh
Agriculture in Uttar Pradesh: खेती में आधुनिक डिजिटल तकनीक, डेटा आधारित निर्णय प्रणाली और क्लाइमेट स्मार्ट एग्रीकल्चर को बढ़ावा देने की दिशा में उत्तर प्रदेश और बिहार ने अहम कदम उठाया है। इसके लिए उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से संबद्ध महिला किसान उत्पादन संगठनों के राज्य स्तरीय संघ ‘भूस्वामिनी’ और ‘बिहप्रो कन्सोर्टियम ऑफ प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड’ (बिहार का पहला एफपीओ महासंघ) के बीच राजधानी लखनऊ में एमओयू किया गया है।
 
इस एमओयू का उद्देश्य महिला किसानों की क्षमता निर्माण, कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन, खरीद-बिक्री की सशक्त व्यवस्था और ग्रामीण महिलाओं को उद्यमी बनाने की दिशा में साझा प्रयास करना है।

महिला किसानों के लिए तकनीक आधारित खेती को मिलेगा बढ़ावा

एमओयू के तहत खेती में डिजिटल टेक्नोलॉजी और डेटा के व्यापक उपयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे महिला किसान विज्ञान व तथ्य आधारित निर्णय ले सकेंगी। साथ ही क्लाइमेट स्मार्ट एग्रीकल्चर प्रैक्टिसेज को अपनाने पर विशेष जोर दिया जाएगा, जिससे बदलते मौसम के अनुरूप खेती को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनाया जा सके।

यूपी और बिहार मिलकर करेंगे महिला किसानों की क्षमता वृद्धि

एमओयू के माध्यम से उत्तर प्रदेश और बिहार की महिला किसान मिलकर क्षमता निर्माण (कैपेसिटी बिल्ड) कार्यक्रम चलाएंगी। प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और नवाचार के जरिए महिला किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों से जोड़ा जाएगा। इससे दोनों राज्यों की ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर किसान से उद्यमी बनने की दिशा में आगे बढ़ेंगी।
 
ग्रामीण महिलाओं के लिए उद्यमिता और रोजगार के नए अवसर : सीएम योगी के निर्देश पर प्रदेश में महिला किसानों के लिए अनेक लाभकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। जिसके तहत उन्हें केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि कृषि आधारित उद्यमिता, मूल्य संवर्धन, प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और मार्केट लिंकेज से जोड़ा जाएगा। इससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

कृषि उत्पादों की खरीद-बिक्री को मिलेगा संगठित स्वरूप

कृषि उत्पादों की खरीद-बिक्री के लिए सशक्त और पारदर्शी व्यवस्था तैयार की जा रही है। महिला किसान संगठनों को बाजार तक सीधी पहुंच मिलेगी, जिससे उन्हें उपज का उचित मूल्य प्राप्त हो सकेगा। साथ ही महिला किसानों के मूल्य संवर्धन और क्षमता निर्माण की योजनाओं पर भी संयुक्त रूप से काम किया जाएगा। इसके लिए हुए समझौते पर बिहप्रो के अध्यक्ष राजकुमार राज और भूस्वामिनी की अध्यक्ष मंजू देवी ने हस्ताक्षर किए। डिजिटल खेती, जलवायु अनुकूल कृषि और उद्यमिता के समन्वय से ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव आएगा।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala 
लेखक के बारे में
वेबदुनिया न्यूज डेस्क
वेबदुनिया न्यूज़ डेस्क पर हमारे स्ट्रिंगर्स, विश्वसनीय स्रोतों और अनुभवी पत्रकारों द्वारा तैयार की गई ग्राउंड रिपोर्ट्स, स्पेशल रिपोर्ट्स, साक्षात्कार तथा रीयल-टाइम अपडेट्स को वरिष्ठ संपादकों द्वारा सावधानीपूर्वक जांच-परख कर प्रकाशित किया जाता है।.... और पढ़ें
अगला लेख
LIVE: Budget 2026 Live Updates: वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण का बजट भाषण, मिनट-दर-मिनट अपडेट