अरविंद केजरीवाल को अन्ना हजारे की बड़ी सलाह, शराब घोटाले में बरी होने पर आया रिएक्शन
अन्ना हजारे (Anna Hazare) ने दिल्ली आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) के बरी होने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश में न्यायपालिका सर्वोच्च है और अदालत के फैसले को स्वीकार किया जाना चाहिए। महाराष्ट्र के रालेगण सिद्धि गांव में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अन्ना हजारे ने कहा कि हमारा देश न्यायपालिका के आधार पर चलता है। न्याय व्यवस्था देश की सर्वोच्च व्यवस्था है। हमारा देश बड़ा है, इसमें कई राजनीतिक दल, जातियां और धर्म हैं, फिर भी व्यवस्था इसलिए चल रही है क्योंकि न्यायपालिका मजबूत है।”
उन्होंने कहा कि यदि न्यायपालिका मजबूत न हो तो आपराधिक तत्व हावी हो सकते हैं और देश में अराजकता जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।
अन्ना हजारे ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने पहले जो टिप्पणियां की थीं, वह उस समय की थीं जब अदालत का कोई फैसला नहीं आया था। उस समय आरोप लग रहे थे। अब न्यायपालिका ने अपना फैसला दे दिया है कि उनकी कोई भूमिका नहीं थी। हमें अदालत के फैसले को स्वीकार करना चाहिए। लोकतांत्रिक व्यवस्था में न्यायपालिका के सम्मान पर जोर देते हुए हजारे ने केजरीवाल को सलाह दी कि वे समाज और देश के हित में काम करें, न कि स्वयं या अपनी पार्टी के बारे में सोचें। हजारे ने अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को अपना “कार्यकर्ता” भी बताया।
राष्ट्रीय राजधानी की एक अदालत ने शुक्रवार को पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उनके पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) और 21 अन्य आरोपियों को बहुचर्चित आबकारी नीति मामले में बरी कर दिया। अदालत ने जांच एजेंसी सेंटर ब्यूरो ऑफ इन्वेटिगेशन (CBI) को भी फटकार लगाते हुए कहा कि नीति में किसी 'व्यापक साजिश या आपराधिक मंशा' के पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले।
केजरीवाल को 21 मार्च 2024 को आबकारी नीति मामले में पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) और बाद में सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किया गया था। वे 155 दिन जेल में रहने के बाद जमानत पर रिहा हुए थे। Edited by : Sudhir Sharma