सम्बंधित जानकारी
- Live Updates : नेताओं ने कहा- प्रदर्शन के दौरान अब तक 20 किसान हो गए 'शहीद'
- Kisan Andolan: किसानों को घर जैसा लगने लगा है प्रदर्शन स्थल, कसरत, अखबार, सेवा को बनाया दिनचर्या
- किसान आंदोलन से रोजाना 3500 करोड़ रुपए का नुकसान, एसोचैम और CII ने सरकार से मुद्दा सुलझाने की अपील की
- किसान की खुली लॉटरी, 60 लाख का हीरा पाकर बना लखपति
- गडकरी ने पूछा- नक्सल मामले में जिसे जमानत नहीं मिली, उसकी तस्वीर किसान आंदोलन में कैसे?
Buddhi Shuddhi Havan | कृषि बिल का विरोध कर रहे विपक्षी दलों के लिए भाजपा किसान मोर्चा ने किया बुद्धि शुद्धि हवन
कानपुर। केंद्र सरकार के द्वारा लाए गए किसान बिल को लेकर जहां किसान आंदोलित हैं तो वहीं विपक्षी दल भी केंद्र सरकार को किसान बिल के माध्यम से किसानों के साथ खड़े होकर घेरने का प्रयास कर रहे हैं। इसी के चलते मंगलवार को भाजपा किसान मोर्चा के कानपुर नगर उत्तरी अध्यक्ष संतोष कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में विपक्षी दलों के बुद्धि शुद्धि हवन का कल्याणपुर नई शिवली रोड सिद्धेश्वर मंदिर पर आयोजन किया गया जिसमें भाजपा नेताओं के साथ-साथ प्रकांड विद्वान ब्राह्मणों द्वारा विपक्षी दलों के लिए बुद्धि शुद्धि हवन किया गया। इस दौरान बुद्धि शुद्धि हवन में आहुति देते हुए सांसद देवेंद्र सिंह भोले वरिष्ठ भाजपा नेता अशोक सिंह दद्दा ने ईश्वर से प्रार्थना की कि वह भटक चुके विपक्ष को सद्बुद्धि प्रदान करे जिससे कि विपक्ष भी किसानों के हित के बारे में सोच सके।
किसान हित नहीं अपना हित स्वार्थ सिद्ध करना चाहते हैं विपक्षी : बुद्धि शुद्धि हवन के दौरान अकबरपुर लोकसभा के सांसद देवेंद्र सिंह भोले ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा संगठन हमेशा से ही किसानों के हितैषी रहे हैं। किसानों के परिश्रम और पसीने की पूरी कीमत उन्हें मिल सके, इसके लिए भाजपा की केंद्र सरकार ने 3 कृषि सुधार बिल पास किए। अपना जनाधार खो चुके विपक्षी दल किसानों को यह समझाकर कि यह बिल किसानों के हित में नहीं है, उन्हें आंदोलन के लिए उकसाकर किसान हित नहीं, अपना हित स्वार्थसिद्ध करना चाहते हैं। विपक्ष का यह आरोप निराधार गलत है कि कृषि बिल पर संसद में बहस नहीं हुई जबकि मानसून सत्र में इस पर 12 घंटे बहस हुई थी।
संविधान और लोकतंत्र में विश्वास न रखने वाले तत्व किसानों के आंदोलन की आड़ में केंद्र सरकार व प्रधानमंत्री मोदी को बदनाम करने के लिए निम्नस्तरीय कार्य कर रहे हैं। आंदोलनरत किसानों के बीच विपक्षी दलों के साथ-साथ राष्ट्रविरोधी तत्व भी प्रवेश कर किसान आंदोलन को गलत दिशा देने का कार्य कर रहे हैं, यह चिंता का विषय है।
सांसद भोले ने कहा किसानों के आंदोलन में किसान नेता जब अपनी मांगों को भूलकर भीमा कोरेगांव के हिंसा के साथ-साथ दिल्ली के आरोपियों की वकालत करने लगें और ऐसे ही तत्वों की वकालत जब विपक्षी दल करने लगें तो यह समझ लेना चाहिए कि विपक्षी दलों के अगुआकार दिशाहीन व बुद्धिहीन हो गए हैं। ऐसे लोगों को सद्बुद्धि भगवान ही दे सकते हैं। भोले ने बताया कि केंद्र की योजना के अनुसार भाजपा संगठन जगह-जगह सभाएं और प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से किसानों को कृषि कानून के फायदे बताने का कार्य करेगा। इसमें किसान मोर्चा अपनी अहम भूमिका अदा करेगा।
