क्या कहता है पयागपुर विधानसभा सीट का गणित
उत्तरप्रदेश के बहराइच जनपद की बात करें तो इस जनपद के पयागपुर विधानसभा सीट पर कोई किसी से कम नहीं है और न ही इस विधानसभा क्षेत्र में सपा-कांग्रेस का कोई गठबंधन है। यहां भी हाल बगावत जैसा है। पयागपुर विधानसभा मुख्य रूप से ब्राह्मण मतदाता बहुल क्षेत्र है। इस विधानसभा में मुकाबला भी काफी जबरदस्त दिख रहा है।
2012 के विधानसभा चुनाव पर नजर डालें तो सब कुछ साफ़ हो जाएगा। इस चुनाव में भाजपा ने सुभाष त्रिपाठी को प्रत्याशी बनाया था। दो पार्टियों के सजातीय प्रत्याशी होने के करण भाजपा प्रत्याशी को मात्र 22,155 वोट मिले और
पार्टी चौथे स्थान पर चली गई थी जबकि कांग्रेस प्रत्याशी इस विधानसभा में बाहुल्य जाति के विपरीत होने के बाद भी मुकेश श्रीवास्तव को ब्राह्मण मतदाताओं के मतों का ध्रुवीकरण होने के करण उन्हें 65,176 वोट मिले।
उन्होंने अजीत प्रताप सिंह को 38,130 मतों से पराजित किया। इस बार के विधानसभा चुनाव 2017 में भी मुकाबला दिलचस्प है। पयागपुर विधानसभा में इस बार कांग्रेस के विधायक मुकेश श्रीवास्तव ने समाजवादी पार्टी का दमन थाम लिया। ये सपा के प्रत्याशी भी हैं।
कांग्रेस ने इस बार भगतराम मिश्रा को प्रत्याशी बनाया है जबकि बसपा मुस्लिम कार्ड का इस्तेमाल करते हुए शेख मुशर्रफ को टिकट दिया है, लेकिन शायद भाजपा ने अपने पिछले रिकॉर्ड को नजरअंदाज करते हुए फिर से ब्राह्मण प्रत्याशी शुभाष त्रिपाठी को चुनाव मैदान पर दांव लगाया है। इस विधानसभा क्षेत्र में कोई किसी से कम नहीं है। इस विधानसभा क्षेत्र में कोई किसी से कम नहीं है।
लेखक के बारे में
संदीप श्रीवास्तव
संदीप श्रीवास्तव करीब 25 वर्ष से ज्यादा समय से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वेबदुनिया के लिए उत्तर प्रदेश में स्ट्रिंगर के रूप में कार्य करते हैं। ....
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