दिल मुझे उस गली में
दिल मुझे उस गली में ले जा कर * और भी ख़ाक में मिला लाया
इब्तिदा में ही रेह गए सब यार * इश्क़ की कौन इंतिहा लाया
मीर तक़ी 'मीर'
कठिन शब्दों के अर्थ
ख़ाक ----मिट्टी- धूल
इब्तिदा----प्रारम्भ, शुरूआत
इंतिहा ------अंजाम, अंतिम छोर
इब्तिदा में ही रेह गए सब यार * इश्क़ की कौन इंतिहा लाया
मीर तक़ी 'मीर'
कठिन शब्दों के अर्थ
ख़ाक ----मिट्टी- धूल
इब्तिदा----प्रारम्भ, शुरूआत
इंतिहा ------अंजाम, अंतिम छोर
