Aaj ka sher Ahmed Faraz | तेरे दिल में घर बनाने तक
तेरी तलब में जला डाले आशियाने तक,
कहाँ रहूँ तेरे दिल में घर बनाने तक - अहमद फराज़
कहाँ रहूँ तेरे दिल में घर बनाने तक - अहमद फराज़

