aaj ka sher | तेरी यादों की चादर
तबीयत अपनी घबराती है जब सुनसान रातों में,
तो ऎसे में तेरी यादों की चादर तान लेते हैं ------- फ़िराक़
तो ऎसे में तेरी यादों की चादर तान लेते हैं ------- फ़िराक़
