Aaj ka sher yaad | एक मुद्दत से तेरी याद
एक मुद्दत से तेरी याद भी आई नहीं हमें,
और हम भूल गए हों तुझे ऐसा भी नहीं -----फ़िराक़ गोरखपुरी
और हम भूल गए हों तुझे ऐसा भी नहीं -----फ़िराक़ गोरखपुरी
