एक-दो शे''र ही बस अपने
एक-दो शे'र ही बस अपने मिसाली हो जाएँ
कब ये ख़्वाहिश है के हम मोमिन-ओ-हाली हो जाएँ
इसहाक़ साजिद(जर्मनी)
मिसाली-----मिसाल देने योग्य
मोमिन-ओ-हाली ----- मोमिन और हाली, उर्दू के दो मशहूर शायर
कब ये ख़्वाहिश है के हम मोमिन-ओ-हाली हो जाएँ
इसहाक़ साजिद(जर्मनी)
मिसाली-----मिसाल देने योग्य
मोमिन-ओ-हाली ----- मोमिन और हाली, उर्दू के दो मशहूर शायर
