मुंबई के कमालिस्तान स्टूडियो में गोल्डी बहल ने अपने नए धारावाहिक ‘थोड़ा है बस थोड़े की जरूरत है’ की लॉचिंग के अवसर पर बताया कि इस धारावाहिक बनाने की प्रेरणा उन्हें शिवाजी पार्क (मुंबई) में रहने वाले लोगों को देखकर मिली। गोल्डी ‘द्रोणा’, ‘बस इतना सा ख्वाब है’ जैसी फिल्में और ‘लिपस्टिक’, ‘कभी हाँ कभी ना’ जैसे टीवी धारावाहिक बना चुके हैं। वे कहते हैं ‘इस धारावाहिक के किरदार भले ही शिवाजी पार्क में रहते हैं, लेकिन इनकी समस्या, खुशी, सुख और दु:ख से हर आदमी को लगेगा कि यह उसकी ही कहानी है। सादगी इस धारावाहिक की यूएसपी है।‘
‘थोड़ा है बस थोड़े की जरूरत है’ की कहानी कुलकर्णी परिवार की है। 1बीएचके फ्लैट में परिवार के 7 सदस्य रहते हैं। सबसे छोटे बेटे की शादी होती है और आठवाँ सदस्य इस छोटे से फ्लैट में रहने आता है। उसके बाद सभी के जीवन में बदलाव आता है। यह मध्यमवर्गीय परिवार ऐसे वक्त साथ में है जब संयुक्त परिवार टूट रहे हैं। कुलकर्णी परिवार की बहू मुग्धा परिवार को जोड़े रखने के लिए तमाम कोशिश करती है। मुग्धा और उसकी सास के बीच के बड़ा ही प्यारा रिश्ता इसमें दिखाया गया है। सीमित बजट में इस परिवार के सदस्य अपनी खुशियों को तलाशने की कोशिश करते हुए नजर आएँगे।
मुग्धा इस धारावाहिक का केन्द्रीय पात्र है, जिसके इर्दगिर्द कहानी घूमेगी। इस किरदार को निभाया है आरती सिंह ने। आरती कहती हैं ‘इस धारावाहिक की थीम और मेरा रोल मुझे पसंद आया, इसलिए मैंने इसमें काम करना मंजूर किया। भले ही इसकी पृष्ठभूमि शहरी हो, लेकिन यह संस्कृति और जीवन मूल्यों से जुड़ा है। मेरा किरदार डोंबीवली में रहने वाली टिपिकल महाराष्ट्रीयन गर्ल का है जो अपने प्रेमी श्रीकांत से शादी करने के लिए अपने करियर को भी ठुकरा देती है। परिवार को एकजुट रखना ही उसका लक्ष्य है। इस धारावाहिक के पात्र दर्शकों को अपने जैसे ही लगेंगे इसलिए मेरा मानना है कि उन्हें यह शो पसंद आएगा।‘
इस धारावाहिक में दो प्रसिद्ध अभिनेत्रियाँ नीना कुलकर्णी, असावरी जोशी के साथ-साथ रोमित राज, हेमंत थाटी और आकांक्षा जुनेजा भी नजर आएँगे। 7 जून से इस धारावाहिक को कलर्स चैनल पर प्रत्येक सोमवार से शुक्रवार शाम 7.30 पर देखा जा सकेगा।
लेखक के बारे में
समय ताम्रकर
समय ताम्रकर फिल्म समीक्षक हैं, जो फिल्म, कलाकार, निर्देशक, बॉक्स ऑफिस और फिल्मों से जुड़े पहलुओं पर गहन विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं।.... और पढ़ें