1. धर्म-संसार
  2. व्रत-त्योहार
  3. श्राद्ध पर्व
  4. Shraddha Paksha 2020

श्राद्ध पक्ष : 5 लक्षणों से जानें कि आपके पितृ आपको आशीर्वाद दे गए या श्राप

हमारे पितृ या पूर्वज कई प्रकार के होते हैं। उनमें से बहुतों ने तो दूसरा जन्म ले लिया और बहुतों ने पितृलोक में स्थान प्राप्त कर लिया है। पितृलोक में स्थान प्राप्त करने वाले हर वर्ष श्राद्ध पक्ष में अपने वंशजों को देखने आते हैं और उस वक्त वे उन्हें आशीर्वाद देते या श्राप देकर चले जाते हैं। आपके पितृ क्या करते हैं, जानिए 5 लक्षणों से?

 
नोट : निम्नलिखित जानकारी प्रचलित परंपरा, मान्यताओं और जनश्रुति पर आधारित।
 
1. यदि आप अपने घर में प्रतिदिन पूजा-पाठ करते हैं, ज्योत जलाते हैं और श्राद्ध पक्ष में विधिवत श्राद्ध करते हैं तो निश्‍चित ही आपके पितृ आप पर प्रसन्न होंगे। इसके विपरित जहां नित्य प्रार्थना या भगवान की पूजा नहीं होती हैं, उन्हें भोग आदि नहीं लगता, वहां राक्षस निवास करते हैं। कई ऐसे लोग भी हैं जो अन्य विचारधारा के प्रभाव में आकर अपने पितरों को भूलकर उनके निमित्त कर्म भी नहीं करते हैं।
 
2. यदि आप अपने घर की बहन, बेटी, बहू या पत्नी का सम्मान करते हैं और उनकी इच्छाओं की पूर्ति करते हैं तो निश्‍चित ही पितृ प्रसन्न होंगे। जिस घर में स्त्री के आंसू गिरते हैं, वहां सबकुछ नष्ट हो जाता है। इसके विपरित आप ऐसा नहीं करते हैं और घर में यदि रोज ही गृहकलह हो रही है तो यह समझा जाता है कि पितृ आपसे नाराज हैं।
 
3. यदि आपकी संतान आपका सम्मान करती है, आपकी आज्ञा मानती है और आप भी उसकी भावनाओं का ध्यान रखते हैं तो यह माना जाता है कि पितृ आप पर प्रसन्न हैं। परंतु पितृ नाराज रहते हैं तो सर्वप्रथम तो आपका विवाह होने में ही रुकावट आती है। विवाह हो जाए तो संतान नहीं होती या घर की किसी संतान का विवाह नहीं होता है और यदि हो भी जाए तो वैवाहिक जीवन अस्थिर रहता है। संतान पैदा होने में बाधा आती है। यदि संतान हुई है तो वह आपकी घोर विरोधी रहेगी। आप हमेशा उससे दु:खी रहेंगे।
 
4. आपके किसी भी कार्य में बाधा उत्पन्न न हो और हर कार्य आसानी से बनते जाएं तो माना जाता है कि आपके पितृ आप पर प्रसन्न हैं। परंतु यदि आप जो भी कार्य कर रहे हैं, उसमें रुकावट आ रही है और कोई भी कार्य संपन्न नहीं होता है तो इसे पितरों के नाराज होने या पितृदोष का लक्षण माना जाता है।
 
5. ऐसी मान्यता है कि यदि पितृ नाराज हैं तो आप जीवन में किसी आकस्मिक नुकसान या दुर्घटना के शिकार होते रहते हैं। आपका रुपया जेलखाने या दवाखाने में ही बर्बाद हो जाता है। परंतु यदि पितृ प्रसन्न हैं तो आप इन तीन खानों से बच कर रहेंगे जेलखाना, दवाखाना और पागलखाना।
 
अन्य लक्षण : घर की ज्योत अच्छे से ऊपर तक स्वत: ही जलना, श्राद्ध पक्ष में ही रुके हुए कार्य संपन्न होना या अचानक धन की प्राप्ति होना, घर के किसी मृत व्यक्ति को याद करते ही कार्य संपन्न हो जाना, सभी का सहयोग मिलना आदि। यदि सपने में आपके पूर्वज आकर आपको आशीर्वाद दें या सपने में कोई सांप आपकी सुरक्षा करता हुआ नजर आए तो माना जाता है कि आपके पितृ आप पर प्रसन्न हैं। इसके अलावा मांगलिक कार्यों में अचानक कोई बाधा उत्पन्न हो, संतान का पढ़ाई में दिल नहीं लगना, श्राद्ध पक्ष में ब्राह्मणों द्वारा भोजन नहीं खाया जाना, घर में बरकत नहीं रहना आदि।
ये भी पढ़ें
महालक्ष्मी व्रत पूजा विधि : श्राद्ध पक्ष का एक अच्छा दिन,जब कर सकते हैं शुभ काम