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Written By WD Feature Desk
Last Updated : बुधवार, 18 मार्च 2026 (16:10 IST)

चैत्र मास की प्रतिपदा को क्यों माना जाता है सर्वश्रेष्ठ दिन?

chaitra navratri and gudi padwa
Chaitra Month 2026: प्रकृति और पंचांग के अनुसार चैत्र माह को वर्ष का आरंभ मानने के पीछे गहरे कारण हैं। चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नववर्ष प्रारंभ होता है। इस बार 19 मार्च 2026 गुरुवार के दिन से हिंदू नवसंवत्सर प्रारंभ होगा। आखिर क्यों चैत्र मास की प्रतिपदा को सर्वश्रेष्ठ दिन माना जाता है?
 
प्रकृति का श्रृंगार: चैत्र वह मास है जब प्रकृति स्वयं को नया रूप देती है। वृक्ष और लताएं पल्लवित होती हैं और पुष्पों से लद जाती हैं।
 
मधुरस की प्रधानता: इसी महीने वनस्पतियों को वास्तविक 'मधुरस' प्राप्त होता है, जबकि वैशाख (माधव) में इसका केवल परिणाम मात्र शेष रहता है। इसीलिए चैत्र को ही वर्षारंभ का प्रथम श्रेय मिला है।
 

चंद्रमा और खगोलीय आधार

धार्मिक कार्यों में सूर्य के साथ-साथ चंद्रमा का भी विशेष महत्व है:
वनस्पतियों का राजा: चंद्रमा को औषधियों और वनस्पतियों का स्वामी माना जाता है, क्योंकि वह उन्हें 'सोम रस' प्रदान करता है।
कलाओं का आरंभ: शुक्ल प्रतिपदा चंद्रमा की कला का प्रथम दिवस है। खगोलीय दृष्टि से किसी अन्य दिन को वर्षारंभ मानना तर्कसंगत नहीं है।
शुक्ल पक्ष की शुद्धता: संवत्सर का आरंभ शुक्ल पक्ष से ही होता है क्योंकि कृष्ण पक्ष में मलमास आने की संभावना रहती है, जबकि शुक्ल पक्ष इससे मुक्त और शुद्ध माना जाता है।
 

सृष्टिकर्ता का चयन: 'प्रवरा' तिथि

पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब ब्रह्माजी ने सृष्टि का निर्माण किया था, तब उन्होंने चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को ही 'प्रवरा' यानी सर्वोत्तम तिथि घोषित किया था। ब्रह्माजी द्वारा चुनी गई होने के कारण इस तिथि का महत्व अनंत गुना बढ़ जाता है।
 
Edited by Anirudh Joshi
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