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Sarvapitra Amavasya 2025: सर्वपितृ अमावस्या पर करें 10 अचूक उपाय
Sarvapitra Amavasya 2025: श्राद्ध पक्ष का अंतिम दिन, सर्वपितृ अमावस्या, हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है। इस दिन उन सभी पूर्वजों का श्राद्ध किया जाता है, जिनकी मृत्यु की तिथि ज्ञात नहीं होती या जिनका श्राद्ध किसी कारणवश नहीं हो पाया हो। ऐसा माना जाता है कि इस दिन किए गए उपाय पितरों को शांति प्रदान करते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। सर्वपितृ अमावस्या पर किए जाने वाले 10 अचूक उपाय यहाँ दिए गए हैं:
ब्राह्मण को भोजन: इस दिन किसी गरीब या योग्य ब्राह्मण को आदर सहित भोजन कराएं और उन्हें दक्षिणा दें। यह पितरों को सीधा भोजन पहुँचाने जैसा माना जाता है।
काले तिल का दान: श्राद्ध के दौरान काले तिल का विशेष महत्व होता है। इस दिन काले तिल का दान करने से पितृ दोष शांत होता है।
पिंडदान: यदि संभव हो तो किसी पवित्र नदी के किनारे या घर में ही पिंडदान करें। यह पितरों को मोक्ष प्रदान करने का एक महत्वपूर्ण कर्म है।
तर्पण: पितरों के लिए तर्पण करना बहुत शुभ माना जाता है। हाथ में जल, तिल और कुश लेकर तर्पण करने से पितर तृप्त होते हैं।
गाय को चारा: गाय में सभी देवताओं का वास माना जाता है। इस दिन गाय को हरा चारा, रोटी या गुड़ खिलाने से पितर प्रसन्न होते हैं।
कौए, कुत्ते और चींटियों को भोजन: शास्त्रों के अनुसार, कौए, कुत्ते और चींटियों को पितरों का रूप माना जाता है। इन जीवों को भोजन कराने से पितरों को भोजन प्राप्त होता है।
दीपक जलाना: संध्या के समय घर के बाहर दक्षिण दिशा में तिल के तेल का दीपक जलाएं। यह पितरों को मार्ग दिखाने के लिए होता है।
पीपल के पेड़ की पूजा: पीपल के पेड़ में पितरों का वास माना जाता है। इस दिन पीपल के पेड़ में जल चढ़ाएं और उसकी सात परिक्रमा करें।
गरीबों को दान: अन्न, वस्त्र और धन का दान करने से पितर अत्यंत प्रसन्न होते हैं। यह दान आपकी श्रद्धा को दर्शाता है।
भागवत गीता का पाठ: इस दिन श्रीमद्भागवत गीता के सातवें अध्याय का पाठ करने से पितरों को शांति मिलती है और उनकी आत्मा को मोक्ष प्राप्त होता है।
इन उपायों को सच्चे मन और श्रद्धा से करने पर पितरों का आशीर्वाद मिलता है, जिससे जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है।
