1. धर्म-संसार
  2. व्रत-त्योहार
  3. महाशिवरात्रि
  4. सभी मनोरथ पूर्ण करता है रुद्राभिषेक, भगवान शिव देते हैं शुभाशीर्वाद

Maha Shivratri 2020 | सभी मनोरथ पूर्ण करता है रुद्राभिषेक, भगवान शिव देते हैं शुभाशीर्वाद

Mahashivratri Rudra Abhishek
Mahashivratri 2020
।।रुद्राभिषेक।।
 
 
रुद्र अर्थात भूतभावन भगवान शिव का अभिषेक। शिव और रुद्र परस्पर एक-दूसरे के पर्यायवाची हैं। शिव को ही रुद्र कहा जाता है, क्योंकि रुतम्-दु:खम्, द्रावयति-नाशयतीतिरुद्र: यानी कि भोले सभी दु:खों को नष्ट कर देते हैं।
 
हमारे धर्मग्रंथों के अनुसार हमारे द्वारा किए गए पाप ही हमारे दु:खों के कारण हैं। रुद्रार्चन और रुद्राभिषेक से हमारी कुंडली से पातक कर्म एवं महापातक भी जलकर भस्म हो जाते हैं और साधक में शिवत्व का उदय होता है तथा भगवान शिव का शुभाशीर्वाद भक्तों को प्राप्त होता है और उनके सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं।
 
 
ऐसा कहा जाता है कि एकमात्र सदाशिव रुद्र के पूजन से सभी देवताओं की पूजा स्वत: हो जाती है।

रुद्रहृदयोपनिषद में शिव के बारे में कहा गया है कि 'सर्वदेवात्मको रुद्र: सर्वे देवा: शिवात्मका:' अर्थात सभी देवताओं की आत्मा में रुद्र उपस्थित हैं और सभी देवता रुद्र की आत्मा हैं।
 
हमारे शास्त्रों में विविध कामनाओं की पूर्ति के लिए रुद्राभिषेक के पूजन के निमित्त अनेक द्रव्यों तथा पूजन सामग्री को बताया गया है। साधक रुद्राभिषेक पूजन विभिन्न विधि से तथा विविध मनोरथ को लेकर करते हैं।
 
लेखक के बारे में
पं. प्रणयन एम. पाठक
पंडित प्रणयन एम. पाठक जाने-माने ज्योतिषाचार्य एवं हस्तरेखा विशेषज्ञ है।.... और पढ़ें
अगला लेख
Lal kitab : चांदी की डिब्बी के 2 उपाय, धनवान बनाए