प्राचीन भारत की 6 सभ्यताओं का रहस्य, जानिए...

के 90 हजार से भी ज्यादा वर्षों के लिखित इतिहास में लगभग 20 हजार वर्ष पूर्व नए सिरे से वैदिक धर्म की स्थापना हुई और नए सिरे से सभ्यता का विकास हुआ। प्रारंभ में ब्रह्मा और उनके पुत्रों ने धरती पर विज्ञान, धर्म, संस्कृति और सभ्यता का विस्तार किया। इस दौर में शिव और विष्णु सत्ता, धर्म और इतिहास के केंद्र में होते थे। देवता और असुरों का काल अनुमानित 20 हजार ईसा पूर्व से लगभग 7 हजार ईसा पूर्व तक चला। फिर धरती के जल में डूब जाने के बाद ययाति और वैवस्वत मनु के काल और कुल की शुरुआत हुई।
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पहली बात तो यह जानना जरूरी है कि उत्तर भारत और दक्षिण भारत में भिन्न-भिन्न सभ्यताएं नहीं थी बल्कि एक ही सभ्यता के दो रूप थे। आर्य कोई जाती नहीं और ना वे कहीं बाहर से आए थे। सभी भारतीय द्रविड़ है। स्थान विशेष और वातावरण के लंबे काल के चलते रंग और रूप में थोड़ा बहुत अंतर है। 
 
वैसे तो अखंड भारत भारत की बात करें तो इसमें कई प्राचीन शहर हैं, जैसे मथुरा, अयोध्या, द्वारिका, कांची, उज्जैन, रामेश्वरम, प्रयाग (इलाहाबाद), पुष्कर, नासिक, श्रावस्ती, पुरुषपुर (पेशावर-पाकिस्तान), बामियान (अफगानिस्तान), गांधार (अफगानिस्तान), सारनाथ, लुम्बिनी, कुरुक्षेत्र, राजगिर, कुशीनगर, त्रिपुरा, गोवा, महाबलीपुरम, कन्याकुमारी, श्रीनगर, जम्मू, गुवाहाटी, कामाख्‍या, ढाका (बांग्लादेश), कोलंबो (श्रीलंका), अनुराधापुर (श्रीलंका), बालि (मलेशिया), क्वालालम्पुर (मलेशिया), अंकोरवाट (कंबोडिया) आदि अनेक स्थानों के बारे में हम बात नहीं करते हुए सिर्फ उन स्थानों के बारे में बताएंगे तो सबसे प्राचीन हैं और जिनको जानकर यह बता चलेगा की हिन्दू सभ्यता कितनी प्राचीन है।
 
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