पाकिस्तान की मां हिंगलाज देवी, मुस्लिम भी देते हैं सम्मान

Last Updated: बुधवार, 18 मई 2016 (19:11 IST)
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आपको जानकर आश्चर्य नहीं होना चाहिए कि पाकिस्तान में भी पूजी जाती हैं देवी मां, पाकिस्तान के बलूचिस्तान राज्य में स्थित में हिंगलाज की प्रतिरूप देवी की प्राचीन दर्शनीय प्रतिमा विराजमान हैं। माता हिंगलाज की ख्याति सिर्फ कराची और पाकिस्तान ही नहीं अपितु पूरे भारत में है। कराची जिले के बाड़ी कलां में विराजमान माता का मंदिर सुरम्य पहाड़ियों की तलहटी में स्थित है।माता का मन्दिर यहां इतना विख्यात है कि यहां वर्ष भर मेले जैसा माहौल रहता है। नवरात्रि के दौरान तो यहां पर नौ दिनों तक शक्ति की उपासना का विशेष आयोजन होता है। सिंध-कराची के लाखों सिंधी श्रद्धालु यहां माता के दर्शन को आते हैं। 
पाकिस्तान के बलूचिस्तान राज्य में हिंगोल नदी के समीप हिंगलाज क्षेत्र में स्थित हिंगलाज माता मंदिर हिन्दू भक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र और प्रधान 51 शक्तिपीठों में से एक है। माता के 52 शक्ति पीठ, संपूर्ण जानकारी> > पौराणिक कथानुसार जब भगवान शंकर माता सती के मृत शरीर को अपने कंधे पर लेकर तांडव नृत्य करने लगे, तो ब्रह्माण्ड को प्रलय से बचाने के लिए भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से माता के मृत शरीर को 51 भागों में काट दिया।
मान्यतानुसार हिंगलाज ही वह जगह है जहां माता का सिर गिरा था। यहां माता सती कोटटरी रूप में जबकि भगवान भोलेनाथ भीमलोचन भैरव रूप में प्रतिष्ठित हैं। माता हिंगलाज मंदिर परिसर में श्रीगणेश, कालिका माता की प्रतिमा के अलावा ब्रह्मकुंड और तीरकुंड आदि प्रसिद्ध तीर्थ हैं। 
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