सम्बंधित जानकारी
- Panch Kedar Yatra: ये हैं दुनिया के पाँच सबसे ऊँचे शिव मंदिर
- Kaidarnath Yatra 2024: जानिए कैसे पहुंचे केदारनाथ धाम
- Kedarnath Dham Yatra 2024: कैसे करें केदारनाथ धाम यात्रा का रजिस्ट्रेशन
- Ghats of Godavari River: गोदावरी नदी के 5 सबसे खूबसूरत घाट, जहां मिलेगी शांति और आनंद
- Hinglaj Jayanti 2024: माता हिंगलाज की जयंती, जानें 10 पौराणिक बातें
केदारनाथ की यात्रा में शामिल करें ये 5 जगहें, हमेशा के लिए यादगार बनेगी ट्रिप
हिमालय के ये स्थान इतने खूबसूरत हैं कि आपको रहेंगे जीवनभर याद
चारधाम यात्रा शुरू हो गई है और बड़ी संख्या में लोगों ने केदारनाथ दर्शन के लिए जा रहे हैं। हिमालय पर्वत की गोद में बसे केदारनाथ को चार धाम यात्रा में से एक माना जाता है। अगर आप भी इस बार केदारनाथ जा रहे हैं तो आप मंदिर के अलावा इन पांच जगहों पर भी जा सकते हैं, जो आपकी यात्रा को और भी शानदार बना देंगे।
भैरवनाथ मंदिर:
केदारनाथ के आसपास कई प्राकृतिक जगह मौजूद हैं। इन्हीं में से एक है भगवान शिव के गण भैरव का खूबसूरत मंदिर है। केदारनाथ मंदिर के पास एक पहाड़ी पर स्थित इस मंदिर से आप आसपास के हिमालय पर्वत और नीचे की केदार घाटी के खूबसूरत नजारे को देख सकते हैं।
वासुकी ताल
केदारनाथ मंदिर के पास मौजूद खूबसूरत झील है वासुकी ताल। पौराणिक मान्यता के अनुसार भगवान विष्णु ने रक्षाबंधन के दिन इस झील में स्नान किया था। यह केदारनाथ से 8 किलोमीटर की दूरी पर है। वासुकी ताल के आसपास की जगह ट्रैकिंग के लिए बेस्ट ऑप्शन है।
गौरीकुंड
केदारनाथ मंदिर के पास मंदाकिनी नदी के तट पर स्थित है गौरीकुंड । सोनप्रयाग से 6 किलोमीटर की दूरी स्थित गौरीकुंड समुद्र तल से लगभग 2 हजार मीटर की ऊंचाई पर है। यहां का खूबसूरत नजारा लोगों का दिल जीत लेता है।
मुंडकटा गणेश मंदिर
मान्यता है कि इस स्थान पर भगवान शिव ने बालक गणेश के सिर को धड़ से अलग कर दिया था। बता दे कि यह विश्व का एक एकलौता ऐसा मंदिर है, जहां पर बिना सिर वाले भगवान गणेश विराजमान है। केदारनाथ आने वाले यात्री मुनकटिया गांव के मुंडकटा गणेश मंदिर जा सकते हैं।
रेतस कुंड
भैरवनाथ मंदिर:
केदारनाथ के आसपास कई प्राकृतिक जगह मौजूद हैं। इन्हीं में से एक है भगवान शिव के गण भैरव का खूबसूरत मंदिर है। केदारनाथ मंदिर के पास एक पहाड़ी पर स्थित इस मंदिर से आप आसपास के हिमालय पर्वत और नीचे की केदार घाटी के खूबसूरत नजारे को देख सकते हैं।
वासुकी ताल
केदारनाथ मंदिर के पास मौजूद खूबसूरत झील है वासुकी ताल। पौराणिक मान्यता के अनुसार भगवान विष्णु ने रक्षाबंधन के दिन इस झील में स्नान किया था। यह केदारनाथ से 8 किलोमीटर की दूरी पर है। वासुकी ताल के आसपास की जगह ट्रैकिंग के लिए बेस्ट ऑप्शन है।
गौरीकुंड
केदारनाथ मंदिर के पास मंदाकिनी नदी के तट पर स्थित है गौरीकुंड । सोनप्रयाग से 6 किलोमीटर की दूरी स्थित गौरीकुंड समुद्र तल से लगभग 2 हजार मीटर की ऊंचाई पर है। यहां का खूबसूरत नजारा लोगों का दिल जीत लेता है।
मुंडकटा गणेश मंदिर
मान्यता है कि इस स्थान पर भगवान शिव ने बालक गणेश के सिर को धड़ से अलग कर दिया था। बता दे कि यह विश्व का एक एकलौता ऐसा मंदिर है, जहां पर बिना सिर वाले भगवान गणेश विराजमान है। केदारनाथ आने वाले यात्री मुनकटिया गांव के मुंडकटा गणेश मंदिर जा सकते हैं।
रेतस कुंड
रेतस कुंड केदारनाथ मंदिर से 500 मीटर दूर सरस्वती नदी के तट पर स्थित है। मान्यता है कि यहां ओम नमः शिवाय का जप करने से पानी में बुलबुले उठने लगते हैं।
