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एक स्थानीय महिला पद्मा जैन ने कहा कि दशमी के दिन यहाँ राम-रावण युद्ध का आयोजन होता है। पूजा नहीं किए जाने के कारण गाँव में एक बार नहीं दो बार आग लग चुकी है। एक बार तो यहाँ वीडियो लगाकर यह देखने का प्रयास किया गया था कि मेला नहीं लगाने पर आग लगती है कि नहीं। उस दौरान इतनी तेज आँधी चली कि सब कुछ उड़ गया। यह मैंने मेरी आँखों से देखा है।