योगी आदित्यनाथ ने कहा, मरीज और चिकित्सक के बीच भावनात्मक संवाद होना चाहिए

अवनीश कुमार| पुनः संशोधित रविवार, 14 जुलाई 2019 (16:35 IST)
लखनऊ। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री ने रविवार को 5, कालिदास मार्ग, लखनऊ में हो रहे 'स्माइल मशाल ज्योति आशीर्वाद' कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए कार्यक्रम में पहुंचे लोगों को संबोधित किया।
संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 'स्माइल-10' जैसे प्रोजेक्ट जहां समाज के गरीब व वंचित के साथ ही हर वर्ग के चेहरे पर खुशहाली लाने का काम करते हैं वहीं एक के संवेदनशील और मानवीय चेहरे को समाज के सामने भी प्रस्तुत करते हैं।

वास्तव में यह एक बड़ा अभियान है। अगर इसके साथ समाज का एक विशाल तबका जुड़ जाता है और जागरूकता के इस कार्यक्रम के साथ हम समाज के विभिन्न हिस्सों को जोड़ देते हैं तो यह एक जनांदोलन बन जाता है।
उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं के असफल होने का कारण क्या बनता है? पहला, हमने पूरी तैयारी नहीं की है। दूसरा, जागरूकता का अभाव। तीसरे जो जिम्मेदार लोग होते हैं, वे अपने दायित्वों का पूरी तरह से निर्वहन नहीं करते तो योजनाएं असफल हो जाती हैं।

एक और एक चिकित्सक के बीच भावनात्मक संवाद होना चाहिए। व्यावसायिकता के इस दौर में इस संवाद को हमने खोया है। व्यावसायिक दृष्टि के प्रधान होने की वजह से चिकित्सक के प्रति आमजन के मन में सम्मान कम हुआ है। यह पहल चिकित्सक और आमजन के मध्य बाधित हो चुके संवाद को बहाल करने की एक कोशिश है।

 

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