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Last Modified: लखनऊ , शुक्रवार, 29 अगस्त 2025 (22:41 IST)

UP की फॉरेंसिक संरचना को मिलेगी 'नई वैज्ञानिक शक्ति', अहम समझौता ज्ञापन पर हुए हस्ताक्षर

MoU signed in Uttar Pradesh
  • मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के विजन अनुसार यह पहल प्रशासनिक, शैक्षणिक और संस्थागत सहयोग को मजबूत करने में होगी निर्णायक
  • प्रदेश को वैज्ञानिक अन्वेषण व फॉरेंसिक उत्कृष्टता के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में होगा प्रभावी कदम
  • पुलिस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा की उपस्थिति में एमओयू पर हुए हस्ताक्षर
Uttar Pradesh News : उत्तर प्रदेश को आधुनिक तकनीक से युक्त प्रदेश के तौर पर रूपांतरित कर रहे मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ का विजन धरातल पर उतरने लगा है। इसी कड़ी में प्रदेश में फॉरेंसिक संरचना को भी नई वैज्ञानिक शक्ति प्रदान करने के उद्देश्य से शुक्रवार को एक बड़ी पहल हुई। पुलिस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में उप्र के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा की उपस्थिति में राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला उप्र व सेंचुरियन विश्वविद्यालय ओडिशा के मध्य समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए। यह एमओयू कई मायनों में विशिष्ट होगा।

यह सहयोग हाल ही में प्रदेश में शुरू की गई कई फॉरेंसिक पहलों को और गति देगा। उल्लेखनीय है कि नए आपराधिक कानूनों के अंतर्गत अब गंभीर अपराधों में फॉरेंसिक विशेषज्ञ का घटनास्थल पर पहुंचना अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे सबूतों का वैज्ञानिक और सटीक संकलन सुनिश्चित हो रहा है।
 
राजीव कृष्णा ने की सराहना
पुलिस महानिदेशक (उप्र) राजीव कृष्णा ने इस एमओयू की सराहना करते हुए कहा कि यह ज्ञान-विनिमय, नवाचार और फॉरेंसिक क्षमता-वृद्धि की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह न केवल शैक्षणिक शोध को मज़बूत करेगा बल्कि प्रदेश की फॉरेंसिक संरचना को भी नई वैज्ञानिक शक्ति प्रदान करेगा। उनके अनुसार, यह पहल उत्तर प्रदेश को वैज्ञानिक अन्वेषण और फॉरेंसिक उत्कृष्टता के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
 
अत्याधुनिक अनुसंधान को बढ़ावा देने वाला कदम
अपर पुलिस महानिदेशक नवीन अरोरा (तकनीकी सेवाएं) ने बताया कि इस समझौता ज्ञापन के कई लाभ हैं। यह संयुक्त शिक्षण/प्रशिक्षण और अनुसंधान पहल, शोध सामग्री प्रकाशनों और पुस्तकालय संसाधनों का आदान-प्रदान, वैज्ञानिक उपकरणों/ सॉफ्टवेयर और प्रयोगशाला सुविधाओं का सदुपयोग, वैज्ञानिकों/शोधार्थियों के लिए सह-मार्गदर्शन के अवसर प्रदान करेगा।

यह एमओयू छात्रों को तेजी से विकसित हो रहे फॉरेंसिक विज्ञान क्षेत्र में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त प्रदान करेगा, उनकी रोजगार क्षमता को बढ़ाएगा तथा अत्याधुनिक अनुसंधान को बढ़ावा देगा, जो देश भर में कानून प्रवर्तन और न्यायिक प्रणालियों का समर्थन करेगा।

उल्लेखनीय है कि इसी महीने 75 अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेन्सिक वैन का शुभारम्भ सीएम योगी द्वारा किया गया है। ये वैन डीएनए सैंपलिंग, फिंगरप्रिंट विश्लेषण, टॉक्सिकोलॉजी परीक्षण और अन्य आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित हैं। इससे प्रदेश में फॉरेंसिक-आधारित पुलिसिंग को नया आयाम मिला है।

उत्कृष्टता केन्द्र के तौर पर है अधिसूचित
सेंचुरियन विश्वविद्यालय, व्यावसायिक शिक्षा व प्रशिक्षण स्कूल को हाल ही में कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा उत्कृष्टता केंद्र (सेंटर फॉर एक्सिलेंस) के रूप में अधिसूचित किया गया है, जो अब तक यह मान्यता प्राप्त करने वाला भारत का एकमात्र विश्वविद्यालय है।

सेंचुरियन विश्वविद्यालय के प्रेसीडेंट, प्रोफेसर मुक्तिकान्त मिश्र ने कहा कि विधि विज्ञान प्रयोगशाला की फॉरेंसिक विशेषज्ञता के साथ हमारे शैक्षिक संसाधनों को संयोजित करके, हम छात्रों और शोधकर्ताओं को फॉरेंसिक विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी में प्रगति में सार्थक योगदान देने के लिए सशक्त बनाएंगे।

समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर के कार्यक्रम में अपर पुलिस महानिदेशक/पुलिस महानिदेशक के जनरल स्टाफ ऑफिसर, पुलिस उपमहानिरीक्षक, तकनीकी सेवायें मुख्यालय एवं प्रभारी निदेशक, विधि विज्ञान प्रयोगशाला उपस्थित रहे। साथ ही, सेंचुरियन विश्वविद्यालय, ओडिशा के प्रेसीडेंट, प्रोफेसर मुक्तिकान्त मिश्र, वॉयस चांसलर डॉ. सुप्रिया पटनायक, निदेशक मोनालिशा घोष एवं एसोसिएट डीन डॉ. रीना सी. झमतानी व अन्य उपस्थित रहे।
Edited By : Chetan Gour
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