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Last Modified: सोमवार, 4 अगस्त 2025 (22:42 IST)

UP : क्रेन का हुक टूटा, 30 फुट ऊंचाई से गिरा बिजली कर्मचारी, दर्दनाक मौत का लाइव वीडियो आया सामने

Electricity worker died due to breaking of crane hook in Uttar Pradesh
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से एक दर्दनाक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में एक बिजली विभाग में संविदा पर कार्यरत कर्मचारी हाईवे किनारे पेड़ों की छंटाई के दौरान क्रेन का हुक टूटने से 30 फुट नीचे गिर गया और उसकी मौत हो गई। मौत का लाइव वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। विद्युत विभाग में लगभग 15 साल से संविदा पर तैनात लाइनमैन मनोज कुमार अपने साथियों के साथ हाईटेंशन लाइन के पास पेड़ काटने का कार्य कर रहा था। पेड़ की कटाई करते समय मनोज का साथी उसका वीडियो बना रहा था, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
 
हादसे के समय मनोज 132 केवीए लाइन की पेट्रोलिंग के बाद हाइड्रा क्रेन की सहायता से पेड़ हटाने के कार्य में लगा था। अधिशासी अभियंता के मुताबिक, रविवार की सुबह बिलारी से निकलने वाली लाइन डाउन हो गई थी, जिसकी जांच में एक पेड़ गिरा पाया गया था। इस पेड़ को हटाने के लिए हाइड्रा मशीन बुलाई गई थी। कार्य अधीक्षण अभियंता और जेई के सुपरविजन में किया जा रहा था।
घटना उस समय हुई जब हाइड्रा का बूम बढ़ाकर मनोज को पेड़ के पास पहुंचाया जा रहा था। अचानक क्रेन की सीलिंग टूट गई, जिससे बूम असंतुलित होकर नीचे आ गिरा और मनोज जमीन पर जा गिरे। दुर्घटना के वक्त मनोज ने सुरक्षा बेल्ट और अन्य सुरक्षा उपकरणों से लगाए हुए थे, लेकिन ऊंचाई से गिरने के कारण उन्हें गंभीर चोटें आईं। तुरंत उन्हें निजी वाहन से पास के स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
 
मृतक मनोज के बूढे पिता ने बताया कि उन्हें विद्युत विभाग द्वारा हादसे की सूचना नहीं दी गई थी। गांव के प्रधान को सूचना मिली कि उनका बेटा दुर्घटना का शिकार हो गया है और अस्पताल में भर्ती है। अस्पताल पहुंचने पर उन्होंने बेटे की लाश देखी। उनका आरोप है कि विभाग की घोर लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ है।
हादसे का जो वीडियो सामने आया है, उसमें साफ देखा जा सकता है कि मनोज क्रेन से बूम के जरिए ऊपर पेड़ की तरफ बढ़ रहे थे और अचानक गिरते हैं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है और लोगों में गहरा आक्रोश है। गांव के प्रधान ने कहा कि नियमित कर्मचारी ऐसे कामों से दूर भागते हैं और संविदा कर्मचारी से जोखिमभरा काम करवाया जाता हैं, लेकिन उन्हें न पर्याप्त सुरक्षा मिलती है और न ही किसी स्थाई नौकरी का लाभ।
 
घटना के बाद बिजली विभाग ने कहा कि नियमानुसार मनोज के परिवार को विभागीय क्षतिपूर्ति दी जाएगी। हालांकि इस हादसे ने विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली और सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Edited By : Chetan Gour
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