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Foreign products: पीएम मोदी की 'स्वदेशी' अपील के बीच जानिए रोजमर्रा में किन विदेशी उत्पादों का होता है इस्तेमाल
Foreign products used in daily life: हाल ही में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के प्रत्येक नागरिक से भारत में बने उत्पादों को जानबूझकर अपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अगर हम कंघी, साबुन जैसे दैनिक उपयोग की चीजों से लेकर इलेक्ट्रॉनिक सामान तक, सब कुछ भारत में बना ही इस्तेमाल करेंगे, तो देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। यह 'वोकल फॉर लोकल' का मंत्र है, जो भारतीय उद्यमियों को बढ़ावा देगा और देश को आत्मनिर्भरता की ओर ले जाएगा। उन्होंने यह भी कहा, "हमें हर दुकान को स्वदेशी से सजाना है।"
क्यों है स्वदेशी इतना महत्वपूर्ण?
स्वदेशी आंदोलन कोई नई अवधारणा नहीं है। महात्मा गांधी ने आजादी की लड़ाई के दौरान इसे एक बड़े हथियार के रूप में इस्तेमाल किया था। आज, पीएम मोदी की यह अपील एक आधुनिक संदर्भ में उसी भावना को पुनर्जीवित करती है। इसका मुख्य उद्देश्य घरेलू उद्योगों को सहारा देना, रोजगार के अवसर पैदा करना और भारत को वैश्विक बाजार में एक मजबूत खिलाड़ी बनाना है। जब हम विदेशी उत्पादों के बजाय भारतीय उत्पादों का इस्तेमाल करते हैं, तो हमारे देश का पैसा देश में ही रहता है, जिससे अर्थव्यवस्था का चक्र मजबूत होता है।
रोजमर्रा की जिंदगी में विदेशी उत्पादों का वर्चस्व
आत्मनिर्भरता पर इतना जोर देने के बावजूद, कई विदेशी उत्पाद हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं। हम सुबह से शाम तक कई ऐसी चीजें इस्तेमाल करते हैं, जो विदेश में बनी होती हैं। इनमें से कुछ प्रमुख उत्पाद हैं:
• पर्सनल केयर आइटम्स: साबुन, शैम्पू, टूथब्रश, टूथपेस्ट और शेविंग क्रीम जैसे कई पर्सनल केयर उत्पाद विदेशी कंपनियों के हैं।
• इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स: स्मार्टफोन, लैपटॉप, वाशिंग मशीन, ग्राइंडर और दीपावली की लाइटें - इनमें से अधिकांश सामान विदेशी कंपनियों द्वारा बनाए जाते हैं।
• खाद्य पदार्थ: एनर्जी ड्रिंक, चॉकलेट और मिल्क पाउडर जैसे खाद्य उत्पाद भी हमारी आदतों में शामिल हो चुके हैं।
• अन्य सामान: यहां तक कि छोटी-छोटी चीजें जैसे कंघी भी अक्सर विदेशी होती हैं।
स्वदेशी आंदोलन कोई नई अवधारणा नहीं है। महात्मा गांधी ने आजादी की लड़ाई के दौरान इसे एक बड़े हथियार के रूप में इस्तेमाल किया था। आज, पीएम मोदी की यह अपील एक आधुनिक संदर्भ में उसी भावना को पुनर्जीवित करती है। इसका मुख्य उद्देश्य घरेलू उद्योगों को सहारा देना, रोजगार के अवसर पैदा करना और भारत को वैश्विक बाजार में एक मजबूत खिलाड़ी बनाना है। जब हम विदेशी उत्पादों के बजाय भारतीय उत्पादों का इस्तेमाल करते हैं, तो हमारे देश का पैसा देश में ही रहता है, जिससे अर्थव्यवस्था का चक्र मजबूत होता है।
रोजमर्रा की जिंदगी में विदेशी उत्पादों का वर्चस्व
आत्मनिर्भरता पर इतना जोर देने के बावजूद, कई विदेशी उत्पाद हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं। हम सुबह से शाम तक कई ऐसी चीजें इस्तेमाल करते हैं, जो विदेश में बनी होती हैं। इनमें से कुछ प्रमुख उत्पाद हैं:
• पर्सनल केयर आइटम्स: साबुन, शैम्पू, टूथब्रश, टूथपेस्ट और शेविंग क्रीम जैसे कई पर्सनल केयर उत्पाद विदेशी कंपनियों के हैं।
• इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स: स्मार्टफोन, लैपटॉप, वाशिंग मशीन, ग्राइंडर और दीपावली की लाइटें - इनमें से अधिकांश सामान विदेशी कंपनियों द्वारा बनाए जाते हैं।
• खाद्य पदार्थ: एनर्जी ड्रिंक, चॉकलेट और मिल्क पाउडर जैसे खाद्य उत्पाद भी हमारी आदतों में शामिल हो चुके हैं।
• अन्य सामान: यहां तक कि छोटी-छोटी चीजें जैसे कंघी भी अक्सर विदेशी होती हैं।
कैसे करें स्वदेशी को अपनी आदत का हिस्सा?
पीएम मोदी की अपील हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि हम कैसे अपनी आदतों को बदलकर देश की प्रगति में योगदान दे सकते हैं। इसकी शुरुआत छोटे-छोटे कदमों से की जा सकती है:
• उत्पादों पर ध्यान दें: जब आप खरीदारी करें, तो उत्पाद पर लगे 'मेड इन इंडिया' या 'भारत में निर्मित' टैग को जरूर देखें।
• घरेलू ब्रांड्स को बढ़ावा दें: अपने आसपास के छोटे-छोटे दुकानदारों से सामान खरीदें, जो अक्सर भारतीय ब्रांड्स बेचते हैं।
• ऑनलाइन खोज करें: विदेशी विकल्पों के बजाय, इंटरनेट पर भारतीय विकल्पों को खोजने का प्रयास करें।
पीएम मोदी की अपील हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि हम कैसे अपनी आदतों को बदलकर देश की प्रगति में योगदान दे सकते हैं। इसकी शुरुआत छोटे-छोटे कदमों से की जा सकती है:
• उत्पादों पर ध्यान दें: जब आप खरीदारी करें, तो उत्पाद पर लगे 'मेड इन इंडिया' या 'भारत में निर्मित' टैग को जरूर देखें।
• घरेलू ब्रांड्स को बढ़ावा दें: अपने आसपास के छोटे-छोटे दुकानदारों से सामान खरीदें, जो अक्सर भारतीय ब्रांड्स बेचते हैं।
• ऑनलाइन खोज करें: विदेशी विकल्पों के बजाय, इंटरनेट पर भारतीय विकल्पों को खोजने का प्रयास करें।
