भारत में क्यों जरूरी है CAA? मोदी के मंत्री ने अफगानिस्तान के हालातों का दिया हवाला

Last Updated: सोमवार, 23 अगस्त 2021 (09:00 IST)
नई दिल्ली। अफगानिस्‍तान से लोगों को सुरक्षित निकालने का मिशन जारी है। तालिबान के कब्‍जे के बाद स्थानीय नागरिक खौफ में हैं। अफगानिस्तान में हिन्दू और सिख सहित अल्‍पसंख्‍यक समुदायों के लिए खतरा बढ़ गया है। इस बीच केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने अफगानिस्‍तान संकट से जुड़ी एक खबर शेयर करते हुए नागरिकता संशोधन कानून (CAA) की वकालत की। इस खबर का जिक्र कर उन्‍होंने कहा कि पड़ोसी देश में जैसी स्थितियां बन गई हैं, वे दर्शाती हैं कि क्‍यों देश में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) जरूरी है।
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क्या है सीएए : नागरिकता संशोधन कानून में अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से आए (हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और क्रिश्चियन) धर्मों के प्रवासियों के लिए भारत की नागरिकता देने का प्रस्ताव है। मौजूदा कानून के मुताबिक किसी व्यक्ति को भारत की नागरिकता हासिल करने के लिए कम से कम पिछले 11 साल से यहां रहना अनिवार्य है, लेकिन CAA से इस नियम को आसान बनाकर नागरिकता हासिल करने की अवधि को 1 साल से लेकर 6 साल किया गया है।



आसान शब्दों में कहा जाए तो भारत के 3 मुस्लिम बहुसंख्यक पड़ोसी देशों से आए गैर मुस्लिम प्रवासियों को नागरिकता देने के नियम को आसान बनाया गया है। CAA एक्ट को 2019 को संसद में पास किया जा चुका है, लेकिन दिसंबर 2019 के बाद से इसे अब तक लागू नहीं किया गया है।



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