Karur Stampede : 27000 हजार की भीड़ को नियंत्रित कर रहे थे 500 जवान, इन 3 कारणों से हुआ हादसा
तमिलनाडु के करूर में अभिनेता विजय की रैली में भगदड़ में 39 लोगों की मौत हो गई। डीजीपी ने बताया क्यों हुआ हादसा?
Karur Vijay Rally Stampede : तमिलनाडु के करूर में अभिनेता विजय की रैली में भारी भीड़ उमड़ पड़ी। रैली स्थल पर 27,000 से ज्यादा लोग मौजूद थे और पुलिस के करीब 500 जवान उन्हें नियंत्रित कर रहे थे। अचानक मची भगदड़ से 39 लोगों की मौत हो गई जबकि कई लोग हादसे में घायल हुए हैं।
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उम्मीद से ज्यादा भीड़ : तमिलनाडु के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) जी. वेंकटरमन ने बताया कि आयोजकों ने लगभग 10,000 लोगों के आने की उम्मीद जताई थी, लेकिन अभिनेता की एक झलक पाने के लिए करीब 27,000 लोग पहुंच गए। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा सुरक्षा व्यवस्था लगभग 20,000 लोगों की भीड़ के अनुमान के आधार पर की गई थी।
नहीं था खाने पानी का इंतजाम : डीजीपी वेंकटरमन के अनुसार, विजय के कार्यक्रम स्थल पर देर से पहुंचने के कारण भीड़ बढ़ गई थी और तपती धूप में इंतजार कर रहे लोगों के पास न तो ठीक से कुछ खाने के लिए था और न ही पीने के लिए पानी।
उन्होंने बताया कि विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के आधिकारिक एक्स खाते से यह जानकारी दी गई थी कि वह दोपहर 12 बजे सभा स्थल पर पहुंचेंगे, जिसके बाद वहां भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दोपहर 3 बजे से रात 10 बजे तक की अनुमति (सभा के लिए) मांगी गई थी। लेकिन टीवीके के एक्स खाते पर बताया गया कि विजय 12 बजे आएंगे, जिससे सुबह 11 बजे से ही भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी।
उन्होंने बताया कि एक स्थान पर विजय का स्वागत किया गया, जिससे बड़ी संख्या में लोग उनके पीछे चलने लगे जिसके बाद पुलिस ने विजय को सुरक्षित रूप से कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाया।
क्यों सिर्फ 500 पुलिसकर्मी थे तैनात : जब उनसे पूछा गया कि क्या बंदोबस्त ड्यूटी पर सिर्फ 500 पुलिसकर्मी ही थे, तो उन्होंने कहा कि सभा स्थल सड़क पर था और अगर ज्यादा पुलिस तैनात की जाती तो लोगों के पास खड़े होने के लिए पर्याप्त जगह नहीं बचती।
उन्होंने बताया कि आयोजकों को भीड़ और उससे जुड़ी समस्याओं के बारे में पहले ही स्पष्ट रूप से सूचित कर दिया गया था। पुलिस केवल अतिरिक्त सहायता के रूप में होती है और भीड़ में इस तरह की अचानक वृद्धि का पूर्वानुमान लगाकर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करना हमेशा संभव नहीं होता।
edited by : Nrapendra Gupta