वंदे मातरम अब 65 सेकंड का नहीं, पूरे 3 मिनट 10 सेकंड का होगा, राष्ट्रीय सम्मान देना होगा
वंदे मातरम् की रचना को 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर केंद्र सरकार ने राष्ट्रगीत के गायन और वादन के लिए नए नियम जारी किए हैं। गृह मंत्रालय के अनुसार अब विशेष सरकारी कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के आधिकारिक छह अंतरों का गायन या वादन अनिवार्य होगा, जिसकी अवधि 3 मिनट 10 सेकंड तय की गई है।
साथ ही नए प्रोटोकॉल के तहत तिरंगा फहराने, राष्ट्रपति और राज्यपालों के आगमन–प्रस्थान और राष्ट्र के नाम संबोधन से पहले और बाद में वंदे मातरम् प्रस्तुत किया जाएगा। साथ ही कहा गया है कि यदि राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत एक ही साथ गाए जाने हैं तो पहले राष्ट्र्रगीत गाया जाएगा।
गृह मंत्रालय के निर्देशों में यह साफ है कि वंदे मातरम् बजने पर सभी को खड़ा होना अनिवार्य रहेगा। हालांकि सिनेमा हॉल जैसे स्थलों पर यह अनिवार्यता लागू नहीं होगी। सरकार ने यह भी कहा है कि देशभर के स्कूलों में दिन की शुरुआत राष्ट्रगीत के सामूहिक गायन से होनी चाहिए।
कब कब होगा राष्ट्र गीत का वादन : सिविल सम्मान समारोहों के अवसर पर : औपचारिक राजकीय समारोहों और सरकार द्वारा आयोजित समारोहों में राष्ट्रपति के आने और ऐसे समारोहों से उनके जाते समय। आकाशवाणी और दूरदर्शन से राष्ट्र के नाम राष्ट्रपति के संदेश प्रसारित किए जाने से पहले और बाद में। राज्यपाल / उपराज्यपाल के अपने राज्य संघ शासित क्षेत्र में औपचारिक राजकीय समारोहों में आने पर और ऐसे समारोहों से उनके जाते समय। राष्ट्रीय झंडे को परेड में ले जाने पर किसी भी ऐसे अन्य अवसर पर राष्ट्र गीत बजाया जाएगा, जिसके लिए भारत सरकार ने विशेष आदेश जारी किए हों।
Edited By: Naveen R Rangiyal