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Last Modified: गुरुवार, 4 मई 2023 (20:00 IST)

सुप्रीम कोर्ट से मिला पहलवानों को झटका, महिला पहलवानों के उत्पीड़न मामले की याचिका की बंद

सुप्रीम कोर्ट से मिला पहलवानों को झटका, महिला पहलवानों के उत्पीड़न मामले की याचिका की बंद - Supreme court junks plea of molestation charges filed by Wrestlers
Supreme Court उच्चतम न्यायालय ने Indian Wrestling Federationभारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के प्रमुख एवं भारतीय जनता पार्टी के सांसद बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली सात महिला पहलवानों की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज किये जाने और संबंधित याचिकाकर्ताओं को पर्याप्त पुलिस सुरक्षा मुहैया कराए जाने के बाद याचिका में आगे की सुनवाई बंद करने का आदेश गुरुवार को दिया।

मुख्य न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति पी. एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला की पीठ ने याचिका पर आगे की सुनवाई बंद करने का आदेश देते हुए कहा कि याचिका में की गयी मांग के मुताबिक प्राथमिकी दर्ज होने और संबंधित खिलाड़ियों को दिल्ली पुलिस की ओर से पर्याप्त सुरक्षा मुहैया होने के बाद याचिका का मकसद पूरा हो गया है।

पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता अन्य किसी राहत के लिए उपयुक्त अदालत या उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकती हैं।याचिकाकर्ता खिलाड़ियों का पक्ष रख रहे वरिष्ठ अधिवक्ता नरेंद्र हुड्डा ने दलील देते हुए याचिका पर आगे की सुनवाई बंद करने का विरोध किया, लेकिन अदालत ने उनकी गुहार ठुकरा दी।

पीठ के समक्ष दिल्ली पुलिस का पक्ष रख रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि वरिष्ठ महिला पुलिस अधिकारियों द्वारा मामले की जांच की रही है और चार संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किये गये हैं।शीर्ष अदालत ने 25 अप्रैल को महिला पहलवानों द्वारा बृजभूषण पर लगाये गये यौन शोषण के आरोपों को ‘गंभीर’ बताते हुए दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया था। अदालती आदेश पर पुलिस ने 28 अप्रैल को प्राथमिकी दर्ज की थी।

डब्ल्यूएफआई प्रमुख बृजभूषण पर यौन उत्पीड़न और आपराधिक धमकी देने का आरोप लगाते हुए भारतीय पहलवान विनेश फोगाट और अन्य ने दिल्ली पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश देने की मांग को लेकर उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।

याचिका के अनुसार, फोगाट और अन्य पहलवानों ने दिल्ली पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज करने में 'अत्यधिक देरी' का हवाला देते हुए भूषण के खिलाफ मामला दर्ज करने का पुलिस को निर्देश देने की गुहार लगाई थी।

बृजभूषण के खिलाफ आरोपों की जांच के लिए 23 जनवरी को खेल मंत्रालय ने मशहूर मुक्केबाज एम सी मैरी कॉम की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया था। इस समिति ने अप्रैल के पहले सप्ताह में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की थी, लेकिन इसके निष्कर्ष अभी तक सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।

मैरी कॉम के अलावा समिति के अन्य सदस्यों में ओलंपिक पदक विजेता-पहलवान योगेश्वर दत्त, पूर्व बैडमिंटन खिलाड़ी और मिशन ओलंपिक सेल की सदस्य तृप्ति मुरगुंडे, टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम के पूर्व सीईओ राजेश राजगोपालन और भारतीय खेल प्राधिकरण की पूर्व कार्यकारी निदेशक (टीम) राधिका श्रीमन शामिल थे।
विनेश ने पहले आरोप लगाया था कि वह बृजभूषण द्वारा मानसिक उत्पीड़न का शिकार हुई थीं और (दावा किया था) उसने आत्महत्या के बारे में भी सोचा था।

ओलंपियन पहलवान बजरंग पुनिया, साक्षी मलिक, विनेश फोगट और अन्य शीर्ष भारतीय पहलवान दिल्ली के जंतर मंतर पर डब्ल्यूएफआई प्रमुख के खिलाफ अपना विरोध प्रदर्शन कर रहे। खिलाड़ियों के आंदोलन के समर्थन में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, किसान नेता राकेश टिकैत समेत विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक करता एवं नेता जंतर मंतर आ आकर खिलाड़ियों का हौसला बढ़ा चुके हैं।(एजेंसी)
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