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तिब्बत में ब्रह्मपुत्र पर बांध बना रहा है चीन, क्या बोले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह?
Chinese dam on brahmaputra : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा कि सरकार तिब्बत में भारत की सीमा के निकट ब्रह्मपुत्र नदी पर एक विशाल बांध बनाने की चीन की योजना को लेकर सतर्क है। इस चीनी बांध सेे ब्रह्मपुत्र के निचले बहाव वाले इलाकों के हितों को ऊपरी इलाकों में होने वाली गतिविधियों से नुकसान पहुंचने की आशंका है।
रक्षा मंत्री ने यहां एक कार्यक्रम के दौरान बांध के बारे में पूछे जाने पर कहा कि भारत सरकार सतर्क है। उन्होंने कहा कि पहले जब भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बोलता था तो लोग इसे गंभीरता से नहीं लेते थे, लेकिन अब जब भारत बोलता है तो दुनिया सुनती है।
उन्होंने कहा कि भारत हर क्षेत्र में प्रगति कर रहा है। पहले (वैश्विक स्तर पर) अर्थव्यवस्था 11वें स्थान पर थी। अब भारतीय अर्थव्यवस्था पांचवें स्थान पर है और आने वाले ढाई साल में यह शीर्ष तीन देशों में शामिल होगी।
चीन द्वारा ब्रह्मपुत्र पर दुनिया का सबसे बड़ा बांध बनाने की योजना की घोषणा करने के कुछ दिनों बाद, भारत ने कहा कि वह अपने हितों की रक्षा के लिए निगरानी जारी रखेगा और आवश्यक कदम उठाएगा। नई दिल्ली ने बीजिंग से यह सुनिश्चित करने का आग्रह भी किया है कि ब्रह्मपुत्र के निचले बहाव वाले इलाकों के हितों को ऊपरी इलाकों में होने वाली गतिविधियों से नुकसान न पहुंचे।
इस चीनी परियोजना पर 137 अरब अमेरिकी डॉलर की लागत आने का अनुमान है। बांध के हिमालय पर्वतमाला क्षेत्र के पारिस्थितिकी रूप से नाजुक क्षेत्र में बनाने की योजना है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, बांध हिमालय के एक बड़े खड्ड में बनाया जाएगा, जहां ब्रह्मपुत्र नदी अरुणाचल प्रदेश और फिर बांग्लादेश में प्रवाहित होने के लिए व्यापक रूप से यू टर्न लेती है। बांध संबंधी चीन की घोषणा ने भारत और बांग्लादेश के लिए चिंताएं पैदा की हैं। चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा, परियोजना का नदी के प्रवाह के निचले क्षेत्रों में नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा।
