पेगासस मामले में राहुल का पलटवार, विपक्ष को बदनाम कर रही है सरकार...

पुनः संशोधित बुधवार, 28 जुलाई 2021 (14:25 IST)
नई दिल्ली। प्रमुख विपक्षी दलों के नेताओं की बैठक के बाद पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं गृह मंत्री अमित शाह पर पेगसास स्पाईवेयर का उपयोग करके लोकतंत्र की आत्मा पर चोट करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार ये कहकर विपक्ष को बदनाम कर रही है कि विपक्ष नहीं चलने दे रहा।

प्रमुख विपक्षी दलों के नेताओं की मौजूदगी में उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में यह दावा भी किया कि सरकार ने पेगासस पर चर्चा करने से इनकार कर दिया है।

उन्होंने कहा कि हमारी आवाज को संसद में दबाया जा रहा है। हमारा सिर्फ यह सवाल है कि क्या भारत सरकार ने पेगासस को खरीदा?...हां या ना। क्या सरकार ने अपने ही लोगों पर पेगासस हथियार का इस्तेमाल किया ?... हां या ना।

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि विपक्षी नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, पत्रकारों और लोकतांत्रिक संस्थाओं के खिलाफ पेगासस रूपी हथियार का उपयोग किया गया है।
उन्होंने कहा कि कहा जा रहा है कि हम संसद की कार्यवाही बाधित कर रहे हैं। हम संसद को बाधित नहीं कर रहे हैं। हम सिर्फ विपक्ष के रूप में अपनी जिम्मेदारी पूरा करना चाह रहे हैं। इस हथियार का उपयोग देश के खिलाफ किया गया है।

राहुल गांधी ने सवाल किया कि इस हथियारों का उपयोग आतंकवादियों के खिलाफ करना चाहिए। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से पूछना चाहते हैं कि इसका इस्तेमाल लोकतांत्रिक संस्थाओं के खिलाफ क्यों किया गया?
उन्होंने दावा किया कि पेगासस का मामला राष्ट्रवाद का मामला है। मेरे लिए यह निजता का मामला नहीं है। नरेंद्र मोदी जी और अमित शाह ने देश के लोकतंत्र की आत्मा पर चोट मारी है। इसलिए हम इस पर चर्चा चाहते हैं।

इससे पहले राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के संसद भवन स्थित कक्ष में विपक्षी दलों की बैठक हुई। इस बैठक में खड़गे, राहुल गांधी, शिवसेना के संजय राउत, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रफुल्ल पटेल, द्रमुक के टीआर बालू, राजद के मनोज झा और कई अन्य दलों के नेता मौजूद थे।
पेगासस और कुछ अन्य मुद्दों को लेकर पिछले कई दिनों से संसद के दोनों सदनों में गतिरोध बना हुआ है। 19 जुलाई से मॉनसून सत्र आरंभ हुआ था, लेकिन अब तक दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित रही है। विपक्षी दलों का कहना है कि पेगासस जासूसी मुद्दे पर चर्चा कराने के लिए सरकार के तैयार होने के बाद ही संसद में गतिरोध खत्म होगा।



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