पश्चिम बंगाल : हल्दिया में बोले PM मोदी, ममता बनर्जी के 10 वर्षों के शासन में जनता को मिली निर्ममता

Last Updated: रविवार, 7 फ़रवरी 2021 (21:00 IST)
हल्दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि आजादी से पहले देश के अग्रणी राज्यों में शामिल था, लेकिन उसके बाद कांग्रेस के भ्रष्टाचार, वाम दलों के अत्याचार और अब ममता के कुशासन ने इसके विकास को अवरुद्ध कर रखा है।
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मोदी ने यहां एक रैली को संबोधित करते हुए राज्य की ममता बनर्जी नीत पर करारा प्रहार करते हुए इस आशय में यह बात कही। उन्होंने कहा कि बंगाल की राजनीति कभी विकासोन्मुख नहीं रही। उन्होंने कहा कि मां, माटी, मानुस की पार्टी से किसान परेशान हैं, जबकि आप देख सकते हैं कि किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए कौन काम कर रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ममता दीदी ने पश्चिम बंगाल में परिवर्तन का वादा किया था। हर किसी ने उनके वादे के साथ उन पर भरोसा किया, लेकिन 10 वर्षों में राज्य की जनता को केवल निर्ममता मिली। प्रधानमंत्री ने कहा कि सूबे में पहले कांग्रेस का भ्रष्टाचार और फिर वामपंथी का भ्रष्टाचार और अत्याचार चरम पर था इसलिए 2011 में वामपंथी की हिंसा और भ्रष्टाचार का किला ढहने के कगार पर था तो लोगों ने ममता पर भरोसा किया।

बंगाल ममता की आस के साथ जी रहा था, लोगों को ममता की अपेक्षा थी, लेकिन उन्हें निर्ममता मिली। ममता सरकार परिवर्तन नहीं बल्कि वामपंथी का पुर्नजीवन है। ममता ‘भारत माता की जय’ के नारे पर नाराज़ हो जाती हैं, लेकिन उन्हें इस बात पर गुस्सा नहीं आता जब लोग देश के खिलाफ बोलते हैं।
बंगाल में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों से पूर्व मोदी की यह राज्य में पहली सभा थी। भाजपा की ओर से आयोजित इस रैली में भाग लेकर मोदी ने चुनावी अभियान का भी आगाज किया। मोदी ने कहा कि इस साल के बजट में पश्चिम बंगाल के चाय बागानों में काम करने वाले लोगों के लिए बहुत कुछ आवंटित किया गया है। आजादी से पहले बंगाल भारत का सबसे विकसित राज्य था।

बंगाल में शिक्षा सर्वश्रेष्ठ थी लेकिन यह स्थिति क्यों खो गयी और यह कैसे हुआ। मोदी ने कहा कि बंगाल सरकार अनिच्छा से पीएम किसान योजना में शामिल हुई है, लेकिन केंद्र इस लाभ को दिलाने में असमर्थ है क्योंकि बंगाल के किसानों का कोई विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया है।

उन्होंने कहा कि अगर आप दीदी से विकास के बारे में पूछते हैं और जय श्रीराम का नारा लगाते हैं, तो ममता नाराज़ हो जाती हैं, लेकिन राष्ट्र को बदनाम करने के लिए अंतरराष्ट्रीय साजिशों पर एक शब्द नहीं कहतीं। भारत की छवि को खराब करने के लिए प्रयास किए गए हैं, लेकिन क्या ममता ने इस पर अपनी कोई प्रतिक्रिया दी है। मोदी ने कहा कि गैस और सड़क संपर्क परियोजनाओं का शुभारंभ होगा, इन परियोजनाओं से हल्दिया के विकास में मदद मिलेगी।

ये परियोजनाएं हमारे पड़ोसी देशों के लिए व्यापार के दरवाजे खोलेगी और ये प्रमुख परियोजनाएं नई नौकरियां भी पैदा करेंगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं बंगाल को सम्मान देता हूं। इस भूमि ने विश्व स्तर के दूरदर्शी लोगों को जन्म दिया है। आज जो गैस और सड़क कनेक्टिविटी परियोजनाओं का उद्घाटन किया जा रहा है, वे नए रोजगार पैदा करेंगे। ये परियोजनाएं हमारे पड़ोसियों के साथ व्यापार के लिए नए दरवाजे खोलने में मदद करेंगी। बंगाल हमेशा केंद्र सरकार के लिए प्राथमिकता रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता के 10 साल के शासन में केवल क्रूरता ही छायी रही।

उन्होंने कहा कि मैं जानना चाहता हूं कि बंगाल इतना पिछड़ा क्यों है? बंगाल के लोग अब बदलाव चाहते हैं। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के तोलाबाज़ और सिंडिकेट केवल कुछ दिनों के मेहमान हैं... बंगाल में इस समय परिर्वतन अनिवार्य है। मोदी ने कहा कि राज्य में इन वर्षों में, राजनीति का अपराधीकरण, भ्रष्टाचार संस्थागत, और प्रशासन एवं पुलिस का राजनीतिकरण किया गया है।

उन्होंने कहा कि अब यह योजना बनाई जा रही है कि भारत की छवि को कैसे खराब की जाए। वे अपनी छवि खराब करने के लिए चाय श्रमिकों पर हमला करते हैं, लेकिन क्या आपने दीदी से इस पर कुछ भी सुना है? देश इन साजिशों का पूरी ताकत से जवाब देगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि चक्रवात राहत के लिए केंद्र द्वारा भेजा गया पैसा गलत तरीके से इस्तेमाल गया, विशेषकर किसानों को पीएम किसान योजना के तहत लाभ से वंचित किया गया।

उत्तराखंड के लोगों की प्रशंसा : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उत्तराखंड में हिमखंड टूटने की घटना से प्रभावित चमोली जिले में बचाव एवं राहत कार्य पूरी तत्परता से चल रहा है और पूरा देश उत्तराखंड के लोगों के लिए प्रार्थना कर रहा है। मोदी ने कहा कि वे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के साथ निरंतर संपर्क में हैं और स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।

उन्होंने कहा कि आज हम मां गंगा के एक छोर पर हैं, लेकिन जो मां गंगा का उद्गम स्थल है, वो राज्य उत्तराखंड इस समय आपदा का सामना कर रहा है।
उन्होंने कहा कि वहां पर राहत और बचाव का कार्य चल रहा है और प्रभावित लोगों की मदद का हर प्रयास किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड के लोगों की जुझारू भावना की सराहना की और कहा कि पूरा देश उनके लिए प्रार्थना कर रहा है।



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