सोमवार, 1 दिसंबर 2025
  1. समाचार
  2. मुख्य ख़बरें
  3. राष्ट्रीय
  4. Indore air pollution increasing the number of patients with colds, coughs, and allergies
Last Updated : शनिवार, 29 नवंबर 2025 (13:34 IST)

खुदी सड़कें और कंस्‍ट्रक्‍शन ने जहरीली कर दी इंदौर की हवा, अस्‍पतालों में बढ़े सर्दी- खांसी और एलर्जी के मरीज

Indore air pollution
इंदौर में चल रहे कंस्‍ट्रक्‍शन और खुदी हुई सड़कों ने यहां की हवा में भयानक जहर घोल दिया है। दरअसल, इन सभी कारणों से शहर में प्रदूषण की स्थिति यह है कि हवा में पीएम 2.5 का स्तर 200 और पीएम-10 का स्तर 300 के पार चला गया है। हवा में धूल, धुएं, कार्बन और अन्य जहरीली गैसों का मिश्रण होने से लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है।

शहर के अस्‍पतालों में सर्दी-खांसी और राइनाइटिस एलर्जी के मरीजों की संख्‍या बढ़ गई है। अस्‍पतालों में ऐसे मरीज की इलाज के लिए कतारें लग रही हैं। बता दें कि शहर के आसपास कहीं भी पराली जलाने का कोई काम नहीं हो रहा है, ऐसे में वैज्ञानिक और विशेषज्ञ मान रहे हैं कि इंदौर की हवा में खराब खुदी हुई सड़कों और जगह- जगह चल रहे कंस्‍ट्रक्‍शन की वजह से यह हालत हो रही है

पिछले 10 दिनों की हकीकत : पिछले 10 दिनों से शहर का  (एक्यूआई) लगातार 100 के पार बना हुआ है, जो स्वास्थ्य के लिए चिंताजनक है। शहर में प्रदूषण की स्थिति यह है कि हवा में पीएम 2.5 का स्तर 200 और पीएम-10 का स्तर 300 के पार चला गया है। हवा में धूल, धुएं, कार्बन और अन्य जहरीली गैसों का मिश्रण होने से लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है। इन दिनों आसपास न तो पराली जलाई जा रही है और न ही कचरा, फिर भी प्रदूषण का स्तर दिवाली पर चलने वाले पटाखों जितना बना हुआ है। विशेषज्ञों के मुताबिक एक्यूआई 100 से कम, पीएम 2.5 का स्तर 25 और पीएम-10 का स्तर 60 तक होना चाहिए, लेकिन वर्तमान आंकड़े इससे कहीं ज्यादा हैं। रीगल तिराहे पर एक्यूआई 261 तक दर्ज किया गया है, जो पीक आवर्स में और बढ़ जाता है।

क्‍यों बढ़ रहा इंदौर की हवा में जहर : बता दें कि इंदौर में विकास कार्यों के चलते खुदी सड़कें और जगह-जगह चल रहे निर्माण कार्यों ने शहर की हवा को जहरीला बना दिया है। उड़ती धूल की वजह से पूरा शहर परेशान है। डस्ट कंट्रोल के इंतजाम न होने से धूल के कण हवा में मिल रहे हैं

हेल्‍थ के लिए गंभीर खतरा : डॉक्‍टर और विशेषज्ञ इस प्रदूषण को लोगों की हेल्‍थ के लिए गंभीर खतरा बता रहे हैं। डॉ प्रवीण दानी ने बताया कि लोगों को सावधानी बरतना होगी, नहीं तो यह प्रदूषण खासतौर से सांस और दमे के मरीजों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
Indore air pollution
अस्पतालों में बढ़े मरीज : प्रदूषित हवा का सीधा असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। कोकिलाबेन अस्‍पताल के डॉ. रवि दोषी ने बताया कि एलर्जी, सर्दी-खांसी, निमोनिया और दमे के मरीजों की संख्या बढी है। ठंड में धूल और धुएं के कण नीचे ही रह जाते हैं। यह सघनता सांस के मरीजों के लिए घातक साबित हो रही है। लोगों को लगातार खांसी, सांस फूलने और कफ की शिकायतें हो रही हैं।

तीन महीने दिक्‍कत रहेगी : प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के वैज्ञानिक संजय जैन ने बताया कि नवंबर से जनवरी तक तीन महीने यह समस्या आती है क्योंकि हवा का प्रवाह बहुत कम होता है। कोहरा बना रहता है और कई बार बादल भी रहते हैं। इन सभी वजहों से जहरीली गैसें, धूल के कण वायुमंडल में निचले स्तर तक बने रहते हैं। उन्‍होंने बताया कि लोगों को इन दिनों मास्क लगाकर रखना चाहिए और यदि किसी प्रकार की एलर्जी है तो फिर अधिक ध्यान रखना चाहिए। उन्‍होंने बताया कि इंदौर की स्थिति देश के अन्य शहरों के मुकाबले में ठीक है। हमारे यहां पर सालभर एक्यूआई ठीक रहता है। इन दिनों जरूर प्रदूषण कुछ ज्यादा है। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य और मौसम के चलते प्रदूषण बढ़ रहा है

क्‍यों बढ़ रहा इंदौर में प्रदूषण : ट्रैफिक जाम की समस्या बढ़ती ही जा रही है। इसके कारण प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है। गाड़ियों की जांच नहीं हो रही है और शहर में निगम की गाड़ियों से लेकर बड़े वाहन तक काला धुआं छोड़ते देखे जा सकते हैं। कई बार बातें होने के बावजूद भी इन पर कोई एक्शन नहीं लिया जाता। दूसरी तरफ निर्माण कार्य और मौसम के चलते यह जहर घुल रहा है।
Edited By: Navin Rangiyal
ये भी पढ़ें
मैं सोफी हूं... AI टीचर, मुझे बुलंदशहर के आदित्य ने बनाया है