वैष्णोदेवी यात्रा में भीड़ को थामने में आखिर पुराना सिस्टम ही काम आया

सुरेश एस डुग्गर| पुनः संशोधित शुक्रवार, 11 फ़रवरी 2022 (17:43 IST)
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जम्मू। वैष्णोदेवी यात्रा में नववर्ष की पूर्व संध्या पर हुए हादसे में 12 श्रद्धालुओं की मौत के बाद एक बार फिर माता को पुराने पर्ची सिस्टम व भीड़ होने की स्थिति में यात्रा को कई जगहों पर रोकने के उपायों को ही अपनाना पड़ रहा है।
यह उपाय यात्रा में तभी से लागू थे जब श्राइन बोर्ड का गठन हुआ था लेकिन पिछले कुछ सालों से तब उन्हें त्याग दिया गया था जब कुछ अति उत्साही अधिकारियों की सलाह पर सारी भीड़ भवन पर ही एकत्र होने दी जा रही थी तथा पहले आओ पहले दर्शन करो की रणनीति को अपनाया गया था।

नए यात्रा प्रबंधन के तहत 13 किमी लंबे पैदल यात्रा मार्ग पर करीब चार स्थानों पर हाल्ट प्वाइंट बनाए जाएंगे, जहां उस स्थिति में यात्रियों के ग्रुपों को कुछ मिनटों या कुछ घंटों के लिए रोका जाएगा, जब भवन पर भीड़ ज्यादा हो जाएगी।

दरअसल पहले भी ऐसा ही होता था। तब प्रत्‍येक श्रद्धालु को पर्ची के साथ ग्रुप संख्या आबंटित की जाती थी और क्रमानुसार ही उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति होती थी। हालांकि तब बाणगंगा और अर्द्धकुंवारी में दो ही हाल्ट प्वाइंट बनाए थे, पर अब चार स्थानों पर (कटड़ा, चरण पादुका, अर्द्धकुंवारी तथा सांझी छत) ऐसे चार हाल्ट प्वाइंट बनाने की संस्तुति की गई है।

हालांकि यात्रा में शामिल होने वालों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य बनाने की घोषणा की गई थी, पर बोर्ड के अधिकारियों का मानना है कि इसे पूर्ण रूप में लागू करने में अभी बहुत समय लगेगा, क्‍योंकि अभी भी 90 फीसदी श्रद्धालु तत्काल पंजीकरण के पक्ष में हैं।

वैसे यात्रियों की सुरक्षा की खातिर यात्रा मार्ग, भवन व भैरों घाटी में अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती करने के साथ ही भीड़ पर नजर रखने की खातिर 5 हजार से अधिक कैमरे लगाए जा रहे हैं, जिनके लिए कई स्थानों पर नियंत्रण कक्ष भी बनाए जा रहे हैं।



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