राजस्थान के टोंक जिले के एक गांव में पूर्व भाजपा सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया द्वारा मुस्लिम महिलाओं से बांटे गए कंबल वापस लेने की घटना ने तूल पकड़ लिया है। लेकिन इस कड़वाहट के बीच गांव के हिंदू पड़ोसियों ने सांप्रदायिक सौहार्द की एक शानदार मिसाल पेश की है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्टर हम्जा खान की रिपोर्ट के मुताबिक टोंक के करेड़ा बुजुर्ग गांव के हिंदू निवासियों ने जौनपुरिया की इस हरकत की कड़ी निंदा की है और पीड़ित मुस्लिम महिलाओं के समर्थन में खड़े हो गए हैं।
सोमवार को वायरल हुए एक वीडियो में जौनपुरिया को एक बुजुर्ग महिला, शकूरन बानो को वहां से जाने के लिए कहते हुए देखा गया। शकूरन बानो ने बताया, “जैसे ही उन्होंने कंबल छीने, मैं तुरंत वहां से उठ गई। मुझे बहुत बुरा लगा। कोई जरूरी नहीं था कि हमें कंबल ही दिलवाना है, हम तो बुलाने पर गए थे” शकूरन बताती हैं कि रमजान का रोजा होने के बावजूद वह अन्य महिलाओं के साथ वहां गई थीं।
इस घटना के बाद गांव में भारी आक्रोश है। सरपंच बीना देवी चौधरी के पति हनुमान चौधरी बताते हैं, “मुसलमानों से ज्यादा गुस्सा हिंदुओं में है। हमारे गांव में दीवाली, होली या ईद, हम सब साथ मनाते हैं। जौनपुरिया ने यहां का भाईचारा खराब करने की कोशिश की है” ग्रामीणों ने विरोध स्वरूप अगले ही दिन जौनपुरिया का पुतला भी फूंका।
घटना के समय मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने जौनपुरिया को टोकते हुए कहा था, “आप कंबल वापस ले रहे हैं... लोकतंत्र में सब बराबर हैं” इस पर जौनपुरिया ने जवाब दिया, “क्या ये सरकारी कंबल हैं?”
पीड़ित शकूरन के बेटे हनीफ, जो लोहार का काम करते हैं, कहते हैं, “इज्जत तो खराब हो गई। उन्हें हमें इस तरह अपमानित नहीं करना चाहिए था” लेकिन उन्हें इस बात का सुकून है कि पूरा गांव, विशेषकर उनके हिंदू पड़ोसी, उनके साथ खड़े हैं। पड़ोसियों ने शकूरन से कहा कि गांव की एक बुजुर्ग के साथ ऐसा होना गलत है।
वहीं, अपनी सफाई में जौनपुरिया ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा कि यह उनका निजी कार्यक्रम था और उन्होंने अपनी पार्टी की करीब 200 महिला कार्यकर्ताओं की सूची बनाई थी। उन्होंने दावा किया कि उन्हें संदेह (वहम) हुआ कि गलत लोग आ गए हैं, इसलिए उन्होंने नाम पूछे। उन्होंने तर्क दिया कि अगर वे इन महिलाओं को कंबल दे देते तो उनकी पार्टी के कार्यकर्ता नाराज हो जाते। जौनपुरिया ने यह भी दावा किया कि वे टोंक में एक रसोई चलाते हैं जहां हिंदू-मुस्लिम सभी खाना खाते हैं और वे भेदभाव नहीं करते।
गौरतलब है कि जौनपुरिया 2020 में कोरोना काल के दौरान भी सुर्खियों में आए थे जब उन्होंने मिट्टी में नहाते हुए और शंख बजाते हुए वीडियो जारी कर दावा किया था कि इससे कोविड नहीं होगा, हालांकि बाद में वे खुद पॉजिटिव पाए गए थे। फिलहाल, इस घटना के बाद शकूरन को कांग्रेस अल्पसंख्यक सेल और अन्य नेताओं की तरफ से कंबल भिजवाए गए हैं, जिन्हें उन्होंने संदूक में रख दिया है क्योंकि अब सर्दियां जा रही हैं।
Edited By: Naveen R Rangiyal